China Iran Tension : ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संभावित नए हमलों की चर्चाओं के बीच चीन ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए अपनी कूटनीतिक कोशिशें तेज कर दी हैं। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सोमवार को ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सैद से मुलाकात की। यह ओमानी सुल्तान की चीन की पहली आधिकारिक यात्रा है। बैठक के बाद शी ने स्पष्ट संदेश दिया कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र को दुनिया की बड़ी शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा का मैदान नहीं बनने देना चाहिए।
शी चिनफिंग ने अरब देशों के साथ सहयोग का भरोसा दिया
चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। चीन इसके लिए अरब देशों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। उन्होंने युद्ध रोकने, सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का समाधान निकालने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में चीन की सक्रिय भूमिका निभाने की इच्छा भी जताई। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच चीन की भूमिका अहम
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में चीन की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में शी चिनफिंग का बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए कूटनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। चीन का जोर सैन्य टकराव के बजाय बातचीत और राजनीतिक समाधान पर है। बीजिंग का मानना है कि पश्चिम एशिया में किसी नए संघर्ष से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

चीन के विशेष दूत झाई जून करेंगे तीन देशों का दौरा
चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्र में शांति की कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए चीन के विशेष दूत झाई जून इसी महीने ईरान, ओमान और सऊदी अरब की यात्रा करेंगे। इस दौरे का उद्देश्य संबंधित देशों के साथ बातचीत करना और तनाव कम करने के रास्ते तलाशना है। चीन की यह पहल दिखाती है कि वह पश्चिम एशिया के संकट में केवल बयान देने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है।
चीन और ओमान के बीच ऐतिहासिक मुलाकात
वर्ष 1978 में चीन और ओमान के बीच राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे। इसके बाद पहली बार ओमान के किसी राष्ट्राध्यक्ष ने चीन की आधिकारिक यात्रा की है। इस दौरान दोनों देशों ने 20 बिंदुओं वाला संयुक्त बयान जारी किया। इसमें पश्चिम एशिया की सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री व्यापार से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति जताई गई।

होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही बहाल करने पर जोर
संयुक्त बयान में चीन और ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सामान्य और सुरक्षित समुद्री आवाजाही बहाल करने की जरूरत बताई। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों देशों ने अमेरिका और ईरान से शांतिपूर्ण रास्ता अपनाने, संघर्ष समाप्त करने के लिए जून में हुए समझौते पर लौटने और बातचीत दोबारा शुरू करने की अपील की।
ईरानी अधिकारी से वांग यी की मुलाकात
इस बीच ईरान के उप सुरक्षा प्रमुख अली बाघेरी कानी ने भी चीन का दौरा किया। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने उनसे मुलाकात कर ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति समर्थन जताया। वांग यी ने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और राजनीतिक समाधान तलाशने की अपील की। इन घटनाक्रमों से साफ है कि चीन पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को रोकने के लिए ईरान, अरब देशों और अमेरिका के बीच कूटनीतिक संवाद को आगे बढ़ाना चाहता है।


