CJP Protest Delhi : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दिपके को सशर्त जमानत मिलने के बाद पार्टी को राहत मिली है। अब सीजेपी की नजर अपने दो अन्य नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका की रिहाई पर टिकी है। पार्टी की लीगल टीम ने दोनों को रिहा कराने के लिए संबंधित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के समक्ष याचिका दाखिल की है। पार्टी को उम्मीद है कि उनकी रिहाई पर फैसला जल्द आ सकता है।
सौरभ दास और आशुतोष रांका की रिहाई के लिए याचिका
सीजेपी की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने अभिजीत दिपके को जमानत मिलने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने उम्मीद जताई कि सौरभ दास और आशुतोष रांका को भी जल्द राहत मिल सकती है। पार्टी की ओर से दोनों नेताओं की रिहाई के लिए कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि, उनकी रिहाई को लेकर अंतिम फैसला संबंधित प्राधिकरण को लेना है। फिलहाल दोनों नेता तिहाड़ जेल में बंद हैं।
झंडेवालान स्थित घर से निकलते समय हिरासत में लिए गए थे दिपके
अभिजीत दिपके को शुक्रवार को दिल्ली के झंडेवालान स्थित उनके घर से बाहर निकलते ही हिरासत में ले लिया गया था। वह कनॉट प्लेस में आयोजित सीजेपी के ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। इसके बाद शनिवार सुबह उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, दिपके ने 10 अक्टूबर को भरे गए शांति बॉन्ड की कथित शर्तों का उल्लंघन किया था।
शांति बॉन्ड के मामले में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेशी
गिरफ्तारी के बाद दिपके को मंदिर मार्ग पुलिस थाने में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। वहां उन्हें कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, शांति बॉन्ड में दिए गए आश्वासन के आधार पर उन्हें रिहा किया गया। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस थाने और उसके आसपास अतिरिक्त सतर्कता बरती गई।
सौरभ दास और आशुतोष रांका पांच दिन की न्यायिक हिरासत में
सीजेपी के नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। उन पर जंतर-मंतर तक पहुंचने के लिए निजी संपत्ति में कथित अतिक्रमण करने और शांति बनाए रखने से जुड़े बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप हैं। पुलिस ने निवारक रिपोर्ट में कानून के कथित बार-बार उल्लंघन और भविष्य में दोबारा ऐसी गतिविधियों की आशंका का उल्लेख किया था।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए थे नेता
पुलिस के अनुसार, सीजेपी के दोनों नेताओं को मंगलवार तड़के हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि वे 11 अन्य कार्यकर्ताओं के साथ बैरिकेड पार करके बिना अनुमति जंतर-मंतर क्षेत्र में दाखिल हुए थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और राष्ट्रीय ध्वज फहराया। पुलिस का कहना है कि इससे पहले भी दोनों नेताओं ने एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छे आचरण से संबंधित बॉन्ड भरा था।
अब सभी की नजर अगले फैसले पर
अभिजीत दिपके को सशर्त जमानत मिलने के बाद सीजेपी को अपने अन्य नेताओं की रिहाई की उम्मीद है। पार्टी की कानूनी टीम की याचिका पर होने वाला निर्णय सौरभ दास और आशुतोष रांका की आगे की स्थिति तय करेगा। फिलहाल उनकी रिहाई की पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस के आरोपों और पार्टी के पक्ष के बीच कानूनी प्रक्रिया जारी है।