CJP Protest: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे कथित भ्रामक प्रचार को लेकर बड़ा दावा किया है। पुलिस के अनुसार, 400 से अधिक पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल की पहचान की गई है, जो मौजूदा परिस्थितियों का फायदा उठाकर गलत और भ्रामक जानकारी प्रसारित करने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इन अकाउंट्स का उद्देश्य लोगों को भ्रमित करना, अफवाहों को बढ़ावा देना और संवेदनशील माहौल को प्रभावित करना है। मामले की निगरानी साइबर विशेषज्ञों और संबंधित एजेंसियों द्वारा लगातार की जा रही है।
400 से ज्यादा संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान
दिल्ली पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई ऐसे अकाउंट सक्रिय पाए गए हैं, जो प्रदर्शन से जुड़ी अपुष्ट और भ्रामक सामग्री साझा कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में 400 से अधिक ऐसे पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल की पहचान की गई है। पुलिस का कहना है कि इन खातों की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया है और संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, इन अकाउंट्स के जरिए गलत सूचनाओं को तेजी से फैलाने का प्रयास किया गया।
अकाउंट्स को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू
दिल्ली पुलिस ने बताया कि जिन सोशल मीडिया हैंडल की पहचान की गई है, उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। संबंधित प्लेटफॉर्म से ऐसे अकाउंट्स को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस का दावा है कि ये वही अकाउंट्स हैं, जो पहले भी राष्ट्रीय महत्व की घटनाओं के दौरान कथित रूप से भ्रामक जानकारी फैलाने में सक्रिय रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि इन खातों की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी और अब मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कार्रवाई तेज कर दी गई है।
लोगों से अफवाहों से बचने की अपील
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी जानकारी पर तुरंत विश्वास न करें। विशेष रूप से बच्चों और छात्रों की सुरक्षा से जुड़ी अपुष्ट खबरों या वायरल पोस्ट को साझा करने से पहले उनकी सत्यता की जांच अवश्य करें। पुलिस ने कहा कि अफवाहें सामाजिक तनाव बढ़ा सकती हैं, इसलिए किसी भी संदिग्ध जानकारी को बिना पुष्टि के आगे न बढ़ाया जाए। यदि किसी पोस्ट की विश्वसनीयता पर संदेह हो, तो उसे संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाना बेहतर होगा।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान
पुलिस ने छात्रों और प्रदर्शनकारियों से भी संयम बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है और पुलिस इस अधिकार का सम्मान करती है। हालांकि, किसी भी प्रकार की अफवाह, उकसावे या भ्रामक सूचना के प्रभाव में आकर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से बचना आवश्यक है। प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए।
डीसीपी ने सतर्क रहने की दी सलाह
दिल्ली पुलिस के डीसीपी सुमित झा ने कहा कि जिन पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की गई है, वे पहले भी कथित तौर पर संवेदनशील परिस्थितियों के दौरान भ्रामक सामग्री साझा करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे खातों को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया जारी है और संबंधित एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं। डीसीपी ने नागरिकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें, किसी भी संदिग्ध सूचना की पुष्टि करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर भरोसा करें। पुलिस का कहना है कि लोगों की जागरूकता और सतर्कता ही अफवाहों पर प्रभावी रोक लगाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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