Cloud bursting destruction : जम्मू-कश्मीर के डोडा ज़िले में मंगलवार को बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचा दी। अचानक आए सैलाब में 10 से अधिक घर पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं, जबकि अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज़ कर दिए हैं और सेना की मदद भी ली जा रही है।

चिनाब नदी उफान पर, बिजली परियोजनाओं को खतरा
मौके से आ रही रिपोर्ट्स के अनुसार, चिनाब नदी इस वक्त खतरनाक स्तर पर बह रही है। हालात को नियंत्रित करने के लिए बघलियार पावर प्रोजेक्ट और सलाल हाइड्रो प्रोजेक्ट के फ्लड गेट्स खोलने की तैयारी की जा रही है, ताकि बांधों पर दबाव कम किया जा सके।

स्कूल बंद, वैष्णो देवी यात्रा स्थगित
मौसम विभाग ने पहले ही कठुआ, सांबा, डोडा, जम्मू, रामबन और किश्तवाड़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी। एहतियातन कई स्कूलों को बंद कर दिया गया था और ग्रामीणों को अलर्ट पर रखा गया था। बादल फटने की घटना के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर दिया गया है, जबकि वैष्णो देवी यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
एसडीएम ने पहले ही जताई थी आशंका
एसडीएम अरुण कुमार बड्या ने घटना से कुछ घंटे पहले ही चेताया था कि पिछले 72 घंटों से हो रही मूसलधार बारिश के कारण कुछ घरों में दरारें आ गई थीं। उन्होंने कहा था, “4-5 घर पूरी तरह असुरक्षित हो गए हैं, और हमने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।”
बाढ़ का खतरा, नदियां खतरे के निशान से ऊपर
राज्य भर में लगातार हो रही बारिश के कारण तवी, व्यास, उझ और रावी नदियाँ भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई गांवों में पानी भर गया है और लोग अपने घर छोड़कर ऊंचे इलाकों की ओर पलायन कर रहे हैं।
नागरिकों के लिए जारी किए गए आपातकालीन नंबर
प्रशासन ने स्थिति को गंभीर मानते हुए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
0191-2525542
0191-2571616
लोगों को सलाह दी गई है कि वे पहाड़ी इलाकों में ट्रेकिंग करने से बचें, नदियों के पास न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करें। डोडा में बादल फटने की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि जलवायु परिवर्तन और मौसम की अनिश्चितता कितनी विनाशकारी हो सकती है। प्रशासन मुस्तैद है, लेकिन जनता को भी सतर्क रहना होगा। राहत कार्य जारी है और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।










