Uttarkashi Cloudburst 2025: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में शनिवार शाम एक बार फिर प्राकृतिक कहर देखने को मिला। यमुना घाटी के नौगांव क्षेत्र में बादल फटने की वजह से भारी तबाही हुई है। नालों में उफान आने से कीचड़ और मलबा तेजी से नीचे की ओर बहा, जिससे दर्जनों घर, सड़कें और वाहन इसकी चपेट में आ गए। प्रशासन और आपदा राहत बल मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

कहां हुई घटना?
उत्तरकाशी के स्योरी फाल पट्टी (नौगांव क्षेत्र) में शनिवार शाम को बादल फटने की घटना सामने आई। इसके कारण तेज बारिश और मलबे का बहाव हुआ, जिसने निचले इलाकों में तबाही मचा दी। करीब एक दर्जन घरों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए डरा देने वाले वीडियो में दिख रहा है कि तेज बहाव में कारें, घरों का सामान और सड़कें बहती नजर आ रही हैं।

क्या हुआ नुकसान?
लगभग 12 से ज्यादा घरों को भारी नुकसान, कार और दोपहिया वाहन मलबे में दबे, दिल्ली-यमुनोत्री राजमार्ग बाधित,सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
प्रशासन की तैयारी और रेस्क्यू ऑपरेशन
जिला मजिस्ट्रेट प्रशांत आर्य ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें मौके पर रवाना की गईं। बड़कोट इंस्पेक्टर राजेश जोशी के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला।
अधिकारियों के अनुसार, कई लोग पहले से ही खतरे की आशंका के चलते अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे, जिससे जान-माल के बड़े नुकसान से बचाव हो सका। हालांकि कुछ लोग घटना के समय अपने घरों में ही फंसे हुए थे, जिन्हें रेस्क्यू टीमों ने सुरक्षित निकाला।
मुख्यमंत्री धामी का निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर संज्ञान लेते हुए ट्वीट कर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा:“उत्तरकाशी जिले के नौगांव क्षेत्र में भारी बारिश से हुए नुकसान की जानकारी मिलने पर, मैंने तुरंत जिला प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। हर प्रभावित व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं सभी की सुरक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।”
वायरल वीडियो में क्या दिखा?
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें देखा जा सकता है कि पहाड़ से नीचे की ओर आता हुआ तेज बहाव कैसे घरों, रास्तों और वाहनों को अपनी चपेट में लेता है। इन दृश्यों ने लोगों के बीच दहशत फैला दी है। उत्तरकाशी में आई यह तबाही एक बार फिर दर्शाती है कि उत्तराखंड में मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं का खतरा लगातार बना रहता है। हालांकि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और पूर्व चेतावनी की वजह से बड़ा हादसा टल गया। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और प्रभावितों को हर संभव मदद दी जा रही है।










