Bihar elections 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेश की महिलाओं को बड़ा तोहफा देते हुए ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना के जरिए राज्य सरकार का लक्ष्य है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए और उन्हें रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ा जाए। इस योजना की लॉन्चिंग आज मुख्यमंत्री आवास के संकल्प सभागार में की गई, जहां सीएम नीतीश कुमार के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, अन्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

क्या है मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना?
इस नई योजना के तहत बिहार की महिलाएं ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकेंगी। योजना में दो चरणों में आर्थिक सहायता दी जाएगी: पहले चरण में ₹10,000 रुपये की सहायता महिलाओं को तुरंत दी जाएगी। छह महीने बाद, रोजगार की प्रगति की जांच के आधार पर, पात्र महिलाओं को अतिरिक्त ₹2 लाख रुपये तक की राशि दी जाएगी।

ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि इस योजना का मकसद है कि प्रत्येक परिवार की एक महिला को स्वरोजगार से जोड़ा जाए। खास बात यह है कि जिन महिलाओं का जुड़ाव ‘जीविका दीदी’ जैसी योजनाओं से नहीं है, वे भी इस योजना का लाभ ले सकेंगी।
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनमें कोई सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है। पति-पत्नी, बेटा या बेटी – यदि परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी सेवा में है, तो उन्हें योजना से बाहर रखा गया है। महिला को आवेदन करने के लिए आज से शुरू किए गए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा।
चुनावी साल में बड़ा दांव
इस योजना को नीतीश सरकार के चुनावी रणनीति के हिस्से के रूप में भी देखा जा रहा है। बिहार में महिला मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और वे चुनाव परिणामों को प्रभावित करने में बड़ी भूमिका निभाती रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को महिला वोट बैंक को साधने की बड़ी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।सीएम नीतीश कुमार पहले भी महिला सशक्तिकरण को लेकर कई योजनाएं शुरू कर चुके हैं, जिनमें छात्राओं को साइकिल और स्कॉलरशिप योजना प्रमुख हैं। अब इस नई योजना के जरिए वह स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं।
बिहार सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी कदम है। चुनाव से ठीक पहले लॉन्च की गई यह योजना ना केवल महिलाओं को आर्थिक आज़ादी देगी, बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेगी। यदि इस योजना का क्रियान्वयन सही ढंग से हुआ, तो यह लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।










