Kashmir Terror Attack: तीन दिवसीय दिल्ली दौरे से रायपुर लौटने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपनी यात्रा को छत्तीसगढ़ के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उनकी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों के साथ विस्तृत और सकारात्मक बैठकें हुईं। इन बैठकों में राज्य के विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री के अनुसार बस्तर के विकास, रेल परियोजनाओं, महानदी जल विवाद, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था, विद्युतीकरण और अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर केंद्र सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है।

राष्ट्रपति ने किया बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं का सम्मान
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रपति द्वारा बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं को सम्मानित किया गया, जो पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि इस सम्मान से बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की सांस्कृतिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे जनजातीय समाज का आत्मविश्वास और बढ़ेगा तथा उनकी कला और संस्कृति को देशभर में नई पहचान मिलेगी।

प्रधानमंत्री से विकास परियोजनाओं पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान उन्होंने बस्तर में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास कार्यों की जानकारी साझा की। उन्होंने दूरस्थ गांवों में बिजली पहुंचाने के प्रस्ताव, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और राज्य में आयुर्वेद आधारित एम्स जैसी स्वास्थ्य संस्था स्थापित करने की मांग भी प्रधानमंत्री के सामने रखी। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री ने इन सभी विषयों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।
‘लखपति दीदी सम्मेलन’ की तैयारियां तेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में जल्द ही “लखपति दीदी सम्मेलन” आयोजित करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाना है। राज्य सरकार महिलाओं के स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं पर लगातार कार्य कर रही है।
महानदी जल विवाद पर समाधान की उम्मीद
महानदी जल बंटवारे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि उनकी ओडिशा के मुख्यमंत्री और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री के साथ विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने पर सहमति बनी है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि अगले तीन महीनों के भीतर इस लंबे समय से लंबित विवाद पर ठोस और सकारात्मक निर्णय सामने आ सकता है, जिससे दोनों राज्यों के हित सुरक्षित रहेंगे।

रेल परियोजनाओं को मिली नई गति
रेल मंत्री के साथ हुई बैठक का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कटघोरा से डोंगरगढ़ रेल लाइन परियोजना को आगे बढ़ाने पर सकारात्मक सहमति बनी है। इसके अलावा किरंदुल-बीजापुर रेल लाइन सहित राज्य की अन्य लंबित रेल परियोजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से बस्तर सहित कई क्षेत्रों में परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी और औद्योगिक तथा आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
बस्तर में मोबाइल नेटवर्क और बिजली विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार के साथ नए मोबाइल टावर लगाने पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पहले ही 500 से अधिक मोबाइल टावरों को स्वीकृति मिल चुकी है। इसके साथ ही बस्तर के 400 से अधिक गांवों तक बिजली पहुंचाने और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण कार्यों को गति देने पर भी सकारात्मक बातचीत हुई।
रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष को दिया जवाब
जम्मू-कश्मीर की हालिया घटनाओं के संदर्भ में कुछ नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत अभियान, श्रीराम परियोजनाओं और नई औद्योगिक नीति के माध्यम से राज्य में उद्योगों का विस्तार हो रहा है, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। उनके अनुसार राज्य में रोजगार की कमी होने का दावा वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता।
कांग्रेस के आरोपों पर मुख्यमंत्री का पलटवार
कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को हर मुद्दे में साजिश नजर आती है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय विकास और जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है। उन्होंने घोषणा की कि हमले में जान गंवाने वाले छत्तीसगढ़ के नागरिकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
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