CM Vijay Schedule: तमिलनाडु में सरकार के शुरुआती 100 दिन पूरे होने के बीच मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की कार्यशैली को लेकर उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के वरिष्ठ नेता और मंत्री आधव अर्जुन ने कई अहम बातें साझा की हैं। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री विजय बेहद लंबे समय तक काम करते हैं और उनका पूरा ध्यान राज्य की समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान पर रहता है। मंत्री के अनुसार, मुख्यमंत्री की दिनचर्या आम राजनीतिक नेताओं से काफी अलग है।
सुबह 4 बजे से शुरू हो जाता है काम
मंत्री आधव अर्जुन के मुताबिक, मुख्यमंत्री विजय सुबह करीब 4 बजे उठ जाते हैं और इसके बाद सरकारी कामकाज की समीक्षा शुरू कर देते हैं। वह विभिन्न विभागों के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बातचीत करके योजनाओं की प्रगति तथा प्रशासनिक कामकाज की जानकारी लेते हैं। बताया गया कि मुख्यमंत्री कई घंटों तक लगातार सरकारी मुद्दों पर चर्चा करते हैं और विभागों से जुड़े जरूरी अपडेट लेते रहते हैं।
रोज 18 से 20 घंटे काम करने का दावा
आधव अर्जुन ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय रोजाना करीब 18 से 20 घंटे तक काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक, सत्ता संभालने के बाद विजय का अधिकांश समय प्रशासनिक गतिविधियों, विभागीय समीक्षा और राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा में बीत रहा है। मंत्री ने मुख्यमंत्री की इस कार्यशैली को उनके समर्पण का उदाहरण बताते हुए कहा कि विजय चुनावी जीत के बाद जश्न मनाने के बजाय शासन की जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
मंत्री ने बताया ‘राजनीतिक संन्यासी’
मुख्यमंत्री की सादगी और काम के प्रति कथित समर्पण की तारीफ करते हुए आधव अर्जुन ने उन्हें ‘राजनीतिक संन्यासी’ तक बताया। उन्होंने कहा कि विजय का उद्देश्य केवल राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाना नहीं, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों को हल करना है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री लगातार यह सोचते हैं कि राज्य के सामने मौजूद समस्याओं का समाधान किस तरह किया जाए और प्रशासन को ज्यादा प्रभावी कैसे बनाया जाए।
भ्रष्टाचार रोकने पर सरकार का जोर
सरकार के शुरुआती 100 दिनों में वित्तीय अनियमितताओं को रोकने और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाने पर भी जोर दिए जाने का दावा किया गया है। आधव अर्जुन ने कहा कि सरकारी व्यवस्था के निचले स्तर पर लंबे समय से चली आ रही भ्रष्टाचार संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार का प्रयास ऊपर से नीचे तक प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार करने का है, ताकि सरकारी धन और संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा सके।
अधिकारियों को पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश
मंत्री के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय अधिकारियों को लगातार वित्तीय गड़बड़ियों को रोकने और सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने की हिदायत दे रहे हैं। सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर है, जिसमें निर्णय प्रक्रिया स्पष्ट हो और सरकारी योजनाओं में किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश कम हो। इसके लिए शीर्ष स्तर से प्रशासनिक निगरानी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
CM ऑफिस के नवीनीकरण पर विपक्ष के सवाल
मुख्यमंत्री कार्यालय के नवीनीकरण को लेकर विपक्षी दल डीएमके ने सवाल उठाए हैं। विपक्ष ने करीब 5.54 करोड़ रुपये के नवीनीकरण से जुड़े टेंडर को लेकर आपत्ति जताई है। इस मुद्दे पर आधव अर्जुन ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि यह खर्च मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत सुविधा या विलासिता के लिए नहीं किया जा रहा है। उनके अनुसार, पुराने कार्यालय में जरूरी सुविधाओं की कमी थी।
शौचालय और प्रतिनिधिमंडल के लिए जगह की कमी
आधव अर्जुन ने कहा कि पुराने मुख्यमंत्री कार्यालय में पर्याप्त शौचालय की सुविधा नहीं थी। इसके अलावा मेहमानों और विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों के बैठने के लिए भी पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं थी। उनके मुताबिक, इन्हीं बुनियादी कमियों को दूर करने के उद्देश्य से कार्यालय के नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार का दावा है कि इसका उद्देश्य कार्यालय को बेहतर प्रशासनिक कामकाज के लिए सुविधाजनक बनाना है।
पहले 100 दिनों में प्रशासन पर फोकस
सरकार के शुरुआती 100 दिनों को लेकर सामने आए इन दावों से संकेत मिलता है कि मुख्यमंत्री विजय प्रशासनिक व्यवस्था, वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, सरकार के कामकाज और विभिन्न फैसलों को लेकर विपक्ष लगातार सवाल भी उठा रहा है। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार के शुरुआती दावों का जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाई देता है और प्रशासनिक सुधारों को किस तरह लागू किया जाता है।
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