Jantar Mantar Protest : दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को प्रदर्शन की कवरेज कर रही एक स्वतंत्र महिला पत्रकार ने दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी पर बदसलूकी और कथित यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद पत्रकारों, वकीलों और छात्र कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। देर रात से बड़ी संख्या में लोग पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर मौजूद रहे और शिकायत के आधार पर तत्काल FIR दर्ज करने की मांग करते रहे।
पत्रकार रोजी ने पुलिस अधिकारी पर लगाया आरोप
स्वतंत्र पत्रकार रोजी के मुताबिक, वह जंतर-मंतर पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की कार्यकर्ता नेहा बोरा से जुड़ी हिरासत या गिरफ्तारी की कवरेज कर रही थीं। इसी दौरान कथित तौर पर उनके साथ पुलिस अधिकारी विवेक भगत ने बदसलूकी की। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की ओर से साझा किए गए वीडियो संदेश में रोजी ने दावा किया कि वह पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के अंदर कई घंटे से मौजूद थीं और उन्होंने अधिकारी पर गलत तरीके से छूने तथा बाद में धक्का देने का आरोप लगाया।
शिकायत के बाद थाने के बाहर जुटे पत्रकार
घटना की जानकारी सामने आने के बाद पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों ने थाने के बाहर विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि महिला पत्रकार की शिकायत पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए। उनका कहना है कि यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप की शिकायत मिलने के बाद पुलिस को कानूनी प्रक्रिया के तहत तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए। देर रात तक प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती रही।
CJP सदस्य ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
CJP के सदस्य सौरव दास ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि शिकायत में नामजद अधिकारी विवेक भगत के खिलाफ पहले भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दास ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले में FIR दर्ज करने के बजाय CCTV फुटेज की जांच के नाम पर कार्रवाई में देरी कर रही है।
रविवार को दोबारा थाने पहुंचने का ऐलान
सौरव दास ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को जांच के लिए समय दिया है, लेकिन यदि तय समय तक FIR दर्ज नहीं हुई तो पत्रकार, वकील और अन्य प्रदर्शनकारी फिर से पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांग शिकायत पर दर्ज FIR की प्रति हासिल करना है। इस मुद्दे को लेकर रविवार सुबह दोबारा प्रदर्शन किए जाने की बात कही गई।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर उठाया मामला
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एक महिला पत्रकार ने पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है और सैकड़ों पत्रकार कई घंटों से केवल FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर बैठे हैं। उन्होंने पुलिस की भूमिका और कार्रवाई पर सवाल उठाए।
पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी का भी आरोप
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में जंतर-मंतर पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार, पत्रकारों को घसीटे जाने और कैमरे छीने जाने के आरोप भी लगाए। उन्होंने दिल्ली पुलिस की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी उल्लेख किया। हालांकि, इन आरोपों की अलग-अलग घटनाओं के स्तर पर स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
CJP नेताओं ने भी पुलिस पर सवाल उठाए
CJP के सह-संयोजक आशीष रांका ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि बड़ी संख्या में पत्रकार पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर दिल्ली पुलिस के कथित उत्पीड़न और हमले के विरोध में मौजूद हैं। वहीं CJP सदस्य रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि महिला के साथ पुरुष पुलिस अधिकारी ने कथित यौन उत्पीड़न किया और शिकायत के बाद एक DCP ने मामले को आगे न बढ़ाने की सलाह दी।
जांच और FIR पर अब सबकी नजर
फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों और पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई को लेकर विवाद जारी है। महिला पत्रकार की शिकायत, CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं प्रदर्शनकारी तत्काल FIR की मांग पर कायम हैं। मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई पर पत्रकार संगठनों और प्रदर्शनकारियों की नजर बनी हुई है।
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