CM Vishnu Deo Sai: छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र अपने समापन के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गया। सत्र के अंतिम दिन कांग्रेस द्वारा सत्ताधारी दल के विरुद्ध लाया गया ‘अविश्वास प्रस्ताव’ भारी बहस और गर्मागर्म चर्चा के बाद अंततः ध्वनिमत से गिर गया। सदन की कार्यवाही देर रात करीब 2:36 बजे तक चली, जिसमें पक्ष और विपक्ष के लगभग 18 विधायकों ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए।

इस लंबी चर्चा के दौरान जहां विपक्ष ने सरकार को कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और जनहित की योजनाओं की विफलता के आरोपों से घेरा, वहीं सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए सरकार की पिछले ढाई वर्षों की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा रखा। अविश्वास प्रस्ताव का खारिज होना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति जनता के भरोसे और सदन में उसकी मजबूत पकड़ का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कड़ा पलटवार और कांग्रेस पर कटाक्ष
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनके मंत्रियों और विधायकों ने सदन में कांग्रेस की विफलताओं का पर्दाफाश किया है और विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह से “लचर और तथ्यहीन” था। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार के कार्यकाल के ढाई वर्ष पूर्ण होने के कारण कांग्रेस ने केवल औपचारिकता निभाने के लिए यह अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। उन्होंने कहा कि इस बहस के माध्यम से कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति और सरकार की ठोस उपलब्धियां जनता के समक्ष स्पष्ट रूप से आ गई हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह प्रस्ताव सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता के उस जनादेश के विरुद्ध था, जिसने भाजपा को स्पष्ट बहुमत सौंपा है।
‘ढाई-ढाई साल’ के वादे पर घिरी पिछली सरकार
सीएम साय ने कांग्रेस के शासनकाल की याद दिलाते हुए ‘ढाई-ढाई साल’ के फॉर्मूले पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अपने पांच वर्षों के कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने के लिए दिल्ली दौड़ती रही। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल और टी.एस. सिंहदेव के बीच चली इस वर्चस्व की लड़ाई का सीधा खामियाजा छत्तीसगढ़ की जनता को भुगतना पड़ा। सीएम ने दावा किया कि कांग्रेस के पास 68 विधायक होने के बावजूद उन्होंने जनता के विश्वास के साथ कुठाराघात किया, जिसके परिणामस्वरूप 2023 के विधानसभा चुनाव में जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया। उन्होंने भविष्यवाणिक लहजे में कहा कि पिछले पांच वर्षों के कुशासन के कारण अब अगले 25 वर्षों तक कांग्रेस का छत्तीसगढ़ में सत्ता में आना असंभव है।
प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी और सुशासन का धरातल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदन को बताया कि उनकी सरकार का हर दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने अधिकांश प्रमुख चुनावी वादों को महज ढाई साल में पूरा करके दिखाया है। भाजपा सरकार केवल घोषणाओं की राजनीति में विश्वास नहीं रखती, बल्कि परिणाम देने में यकीन रखती है। उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को अपनी कार्यशैली का मुख्य आधार बताया। सीएम के अनुसार, आज छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं है, क्योंकि सरकार ने वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से राजस्व संग्रह में ऐतिहासिक वृद्धि की है।
किसान हितैषी नीतियां: धान खरीदी से लेकर बोनस तक का भुगतान
किसानों के मुद्दे पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में आते ही उन्होंने किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिए। लगभग 25 लाख किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से रिकॉर्ड धान खरीदी की गई और पिछले वर्षों के बकाया बोनस के रूप में 3716 करोड़ रुपये का सीधा भुगतान किसानों के खातों में किया गया। सिंचाई क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सरकार ने केवल दो वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दी है। यह कृषि क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है, जिससे छत्तीसगढ़ का किसान आज आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है।
महतारी वंदन योजना: महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय
महिला सशक्तिकरण को अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए सीएम साय ने ‘महतारी वंदन योजना’ का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को अब तक 18 हजार 800 करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के नाम संपत्ति रजिस्ट्री में 50 प्रतिशत की छूट देकर सरकार ने उन्हें आर्थिक भागीदारी और स्वामित्व में बराबरी का दर्जा देने की पहल की है।
वित्तीय अनुशासन और राजस्व संग्रह में कीर्तिमान
पिछली सरकार पर वित्तीय अव्यवस्था और कर्ज का बोझ बढ़ाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने वित्तीय अनुशासन के दम पर राज्य की साख को मजबूत किया है। वाणिज्यिक कर, आबकारी और खनिज राजस्व में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक और डिजिटल सुधारों के चलते राज्य की आय में इजाफा हुआ है, जिसका लाभ अब जन कल्याणकारी योजनाओं में मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि पारदर्शिता के कारण आज छत्तीसगढ़ का राजकोष सुरक्षित है और लंबित वित्तीय दायित्वों को नियंत्रित कर लिया गया है।
आदिवासी विकास, सुरक्षा और नक्सलवाद का निर्णायक खात्मा
आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर प्रकाश डालते हुए सीएम साय ने कहा कि पिछली सरकार केवल राजनीति करती रही, जबकि भाजपा सरकार ने ‘विश्वास, विकास और सुरक्षा’ के मंत्र के साथ काम किया। तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक 4 हजार से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये करने और वनाधिकार पत्रधारकों की समस्याओं का समाधान करने से जनजातीय परिवारों में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ और ‘प्रधानमंत्री जनमन योजना’ के जरिए सुदूर वनांचल के गांवों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। नक्सलवाद पर प्रहार करते हुए सीएम ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा और विकास के समानांतर कार्य ने नक्सल समस्या को निर्णायक रूप से कमजोर कर दिया है।
तकनीक और नवाचार: छत्तीसगढ़ का एआई विजन
भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छत्तीसगढ़ को एआई (AI) और तकनीक का केंद्र बनाने की दिशा में अग्रसर है। राज्य में देश का पहला ‘एआई-सेज’ (AI-SEZ) और पहला ‘एआई डेटा सेंटर पार्क’ विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर इकाइयों की स्थापना और गारमेंट इंडस्ट्री के माध्यम से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के चलते 1 लाख 74 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है, जो छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा देंगे।
ऊर्जा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति
ऊर्जा क्षेत्र में संकट को दूर करते हुए सरकार ने सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को प्रभावी ढंग से लागू किया है। 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली बिल समाधान योजना से राहत मिली है। शिक्षा के क्षेत्र में युक्तियुक्तकरण से शिक्षकविहीन स्कूलों की समस्या खत्म की गई है और नवा रायपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं में आयुष्मान कार्ड की पहुंच 91 प्रतिशत तक पहुंचाना और पांच नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों की स्थापना करना सरकार की बड़ी उपलब्धि है।
जनता का विश्वास ही सरकार की असली ताकत
अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह से बेबुनियाद था और वह प्रदेश की धरातलीय सच्चाई से कटा हुआ था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का आधार जनता का विश्वास है और यही विश्वास उन्हें निरंतर सेवा और सुशासन के पथ पर चलने की ऊर्जा देता है। विपक्ष के हर आरोप का जवाब राज्य के सर्वांगीण विकास और जनहितैषी निर्णयों ने दिया है। छत्तीसगढ़ की जनता अब जान चुकी है कि कौन सी सरकार केवल घोषणाएं करती है और कौन सी सरकार परिणाम देने में विश्वास रखती है। सदन में प्रस्ताव का खारिज होना इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का ‘विश्वास, विकास और सुशासन’ का मॉडल सफल रहा है।
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