CM Yogi Adityanath
CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान कोडीन सिरप (कफ सिरप) के मुद्दे पर सदन में भारी हंगामा और तीखी नोकझोंक देखने को मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए न केवल स्पष्ट किया कि प्रदेश में इस सिरप से कोई मौत नहीं हुई है, बल्कि उन्होंने इस पूरे विवाद के तार सपा के पिछले शासनकाल और नेताओं के कनेक्शन से जोड़ दिए। मुख्यमंत्री के ‘नमूने’ वाले बयान और बुलडोजर की चेतावनी के बाद सदन में माहौल बेहद गरम हो गया, जिसके विरोध में सपा विधायकों ने वॉकआउट कर दिया।
कफ सिरप को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन के पटल पर तथ्यों को रखते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त सिरप का उत्पादन (प्रोडक्शन) नहीं होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में केवल इसके स्टॉकिस्ट और होलसेलर मौजूद हैं। सीएम ने पलटवार करते हुए कहा कि यूपी में इस दवा के सबसे बड़े होलसेलर को लाइसेंस समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान ही जारी किया गया था। योगी ने यह भी बताया कि कफ सिरप से मौतों के मामले अन्य राज्यों, विशेषकर तमिलनाडु से जुड़े हैं, जहां इसका निर्माण हुआ था। यूपी सरकार के संज्ञान में नकली दवा से मौत का कोई भी मामला नहीं आया है।
सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विपक्षी नेताओं पर सीधा हमला बोला। उन्होंने बिना नाम लिए राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, “देश में दो नमूने हैं, एक दिल्ली में और एक यहां (यूपी में)।” उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली वाले नेता जरूरी मुद्दों पर विदेश भाग जाते हैं और यही हाल यहां के ‘बबुआ’ का भी होगा, जो मौका मिलते ही लंदन भाग जाएंगे। इस “नमूने” वाले बयान पर सपा विधायकों ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे मुख्यमंत्री पद की गरिमा के खिलाफ बताया।
जब नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने ‘नमूने’ शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई, तो विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बीच-बचाव करते हुए एक किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसी का व्यक्तिगत नाम नहीं लिया। उन्होंने उदाहरण दिया कि जैसे कोई नारा लगा रहा हो कि ‘सरकार चोर है’ और दरोगा के पूछने पर कहे कि उसने किसी का नाम नहीं लिया, तो दरोगा कहता है- “तुम तो ऐसे कह रहे हो जैसे हमें पता ही नहीं कि चोर कौन है।” अध्यक्ष की इस चुटकी पर सत्ता पक्ष के चेहरे खिल गए, जबकि विपक्ष ने इसे अपमानजनक माना।
योगी आदित्यनाथ ने सदन को सूचित किया कि कफ सिरप का मामला अवैध डायवर्जन और नशे की लत से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सपा के लोगों को “पढ़ाई-लिखाई” से मतलब नहीं है, इसलिए वे केवल चिल्ला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि इस अवैध कारोबार के मामले में अब तक 225 अभियुक्तों को नामजद किया गया है, जिनमें से 78 की गिरफ्तारी हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे सिंडिकेट और अवैध ट्रांजेक्शन के पीछे सपा के लोगों का कनेक्शन है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि ऐसे अपराधियों पर NDPS एक्ट के तहत मुकदमा चलेगा।
अपने भाषण के समापन पर योगी आदित्यनाथ ने सख्त लहजे में अपराधियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। उन्होंने विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा, “समय आने पर इन अपराधियों और माफियाओं पर बुलडोजर एक्शन भी चलेगा, तब चिल्लाना नहीं।” संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने भी विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए दोहराया कि यूपी में एक भी मौत इस सिरप से नहीं हुई है।
Read More: Former IG Punjab: पंजाब के पूर्व आईजी अमर सिंह चहल ने खुद को मारी गोली, हालत नाजुक
Sabarimala Case: उच्चतम न्यायालय ने सबरीमाला मंदिर सहित देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर महिलाओं…
Arvind Kejriwal News: दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने एक कड़ा रुख अपनाते…
SC on EC Appointment: भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार, 14 मई 2026 को मुख्य…
BCI Action: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वकील की पोशाक में कलकत्ता…
MI New Captain: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के सीजन में मुंबई इंडियंस (MI) की…
NEET UG 2026 Leak: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के पेपर लीक मामले में केंद्रीय…
This website uses cookies.