CNG Price Hike : अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेजी का असर अब घरेलू बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। शहरी गैस वितरण कंपनी अदाणी टोटल गैस लिमिटेड (ATGL) ने वाहनों में इस्तेमाल होने वाली संपीड़ित प्राकृतिक गैस यानी सीएनजी की कीमतों में 4.45 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी की है। इस फैसले से सीएनजी से चलने वाले वाहन चालकों का खर्च बढ़ सकता है। कंपनी ने कीमतों में बदलाव के पीछे आयातित गैस महंगी होने, घरेलू गैस की उपलब्धता घटने और आपूर्ति में कमी को प्रमुख कारण बताया है।
अहमदाबाद, फरीदाबाद और जालंधर में नए रेट
कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अहमदाबाद में अदाणी टोटल गैस के पंपों पर सीएनजी की कीमत बढ़कर 98.47 रुपये प्रति किलो हो गई है। हरियाणा के फरीदाबाद में इसकी कीमत 102.60 रुपये प्रति किलो और पंजाब के जालंधर में 100 रुपये प्रति किलो बताई गई है। अलग-अलग शहरों में सीएनजी के दाम स्थानीय वितरण व्यवस्था और लागू दरों के अनुसार अलग हो सकते हैं। वाहन चालकों को ईंधन भरवाने से पहले अपने नजदीकी पंप पर लागू कीमत की पुष्टि करनी चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय एलएनजी की कीमतों में तेजी का असर
अदाणी टोटल गैस के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी की हाजिर कीमतों में उल्लेखनीय उछाल आया है। कंपनी ने बताया कि फरवरी 2026 में एलएनजी की कीमत लगभग 10 से 12 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (MMBtu) थी, जो बढ़कर करीब 30 डॉलर तक पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस तेजी से आयातित प्राकृतिक गैस की लागत बढ़ी है। कंपनियों के लिए महंगी गैस खरीदकर उसे घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचाना पहले की तुलना में ज्यादा खर्चीला हो गया है।
घरेलू गैस की उपलब्धता में कमी भी बड़ी वजह
कंपनी ने कीमत बढ़ाने के पीछे घरेलू गैस आपूर्ति में कमी को भी महत्वपूर्ण कारण बताया है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के घरेलू गैस क्षेत्रों से नई कुओं वाली गैस (NWG) की उपलब्धता घटने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा, सरकार के एक आदेश के बाद उच्च दबाव और उच्च तापमान यानी एचपीएचटी गैस क्षेत्रों से मिलने वाली आपूर्ति में भी कमी आई है। घरेलू गैस का हिस्सा घटने से सीएनजी कंपनियों को अपनी जरूरत पूरी करने के लिए अन्य स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
वैकल्पिक स्रोतों से गैस खरीदने की लागत बढ़ी
अदाणी टोटल गैस के मुताबिक, घरेलू स्तर पर प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध गैस की मात्रा कम होने से मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ा है। इस कमी को पूरा करने के लिए कंपनी को वैकल्पिक स्रोतों से गैस खरीदनी पड़ रही है। जब आयातित या दूसरे स्रोतों से मिलने वाली गैस महंगी होती है, तो वितरण की कुल लागत पर दबाव बढ़ता है। कंपनी ने इसी लागत संबंधी चुनौती को सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी का प्रमुख आधार बताया है।
उपभोक्ताओं के खर्च पर पड़ेगा असर
सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी का असर टैक्सी, ऑटो और सीएनजी से चलने वाले निजी वाहनों के बजट पर पड़ सकता है। रोजाना वाहन चलाने वाले लोगों के ईंधन खर्च में वृद्धि होगी। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, अदाणी टोटल गैस बढ़ी हुई लागत का उपभोक्ताओं पर असर सीमित रखने और सीएनजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने पर ध्यान दे रही है। हालांकि, अन्य गैस वितरण कंपनियां कीमतें बढ़ाएंगी या नहीं, इस बारे में अभी निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। वाहन चालकों को आगे के बदलावों पर नजर रखनी चाहिए।
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