Raipur News : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस पार्टी अब जनता का विश्वास खो चुकी है और पूरी तरह मुद्दाविहीन हो चुकी है।”

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आज सीमित दायरे में सिमट गई है। “जिस पार्टी ने देश पर दशकों तक राज किया, वही आज जनविश्वास खो बैठी है। राहुल गांधी और कांग्रेस के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।” उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के पक्ष में कुछ होता है, तो वे चुप रहते हैं, लेकिन जब कुछ उनके खिलाफ जाता है, तो वे तुरंत सवाल उठाने लगते हैं।

साय ने कांग्रेस की इस दोहरी मानसिकता को “राजनीतिक अवसरवाद और जनता को भ्रमित करने की कोशिश” बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सवाल पूछना है, लेकिन सवाल तब उठाए जाने चाहिए जब उनके पीछे तथ्य हों।
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर विवाद
राहुल गांधी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने संसद में चर्चा, आर्थिक नीतियों, और जनहित के मुद्दों पर सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद भाजपा के कई नेताओं ने उन्हें आड़े हाथों लिया, जिनमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रमुख रहे।
“जनता अब विकास चाहती है, न कि नकारात्मक राजनीति”
मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। जनता अब विकास, रोजगार और सुशासन की राजनीति को पसंद करती है। कांग्रेस पार्टी अभी भी पुरानी सोच में अटकी हुई है और वही नकारात्मक राजनीति कर रही है, जो उसे लगातार विफलता की ओर ले जा रही है।”
साय ने दावा किया कि आने वाले समय में कांग्रेस का ग्राफ और नीचे जाएगा क्योंकि उसकी नीतियां और नेतृत्व दोनों ही जनता से कटे हुए हैं।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की स्थिति पर भी निशाना
उन्होंने छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि “हमारी सरकार बनने के बाद राज्य में कानून व्यवस्था बेहतर हुई है, निवेश बढ़ा है और जनता को वास्तविक विकास दिख रहा है।”
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह टिप्पणी केवल राहुल गांधी पर राजनीतिक हमला नहीं है, बल्कि इससे यह भी साफ होता है कि भाजपा आने वाले समय में कांग्रेस को “मुद्दाविहीन विपक्ष” के रूप में स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रही है। राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर यह प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि आगामी सत्रों और चुनावों में यह बहस और भी तेज होगी।










