CP Radhakrishnan : भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के लिए उम्मीदवार घोषित किया है। BJP की संसदीय बोर्ड बैठक में उनके नाम पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से मुहर लगी। बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मीडिया को संबोधित करते हुए उनके नाम का ऐलान किया।

कौन हैं सीपी राधाकृष्णन?
20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में जन्मे सीपी राधाकृष्णन ने वी.ओ. चिदंबरम कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक किया। मात्र 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और जनसंघ की सदस्यता ली।

उनका राजनीतिक करियर 1998 और 1999 में नई ऊँचाई पर पहुँचा जब वे तमिलनाडु के कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए। साल 2004 से 2007 तक वे तमिलनाडु BJP के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इसी दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया और ताइवान की संसदीय शिष्टमंडल यात्रा में भी शामिल हुए।
राज्यपाल के रूप में कार्यकाल
राधाकृष्णन का प्रशासनिक अनुभव भी उल्लेखनीय रहा है। वे 18 फरवरी 2023 से 30 जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल रहे। मार्च 2024 से जुलाई 2024 तक उन्होंने तेलंगाना और पुदुचेरी का अतिरिक्त प्रभार संभाला। इसके बाद, 31 जुलाई 2024 को महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल के रूप में उन्होंने शपथ ली।
शपथ ग्रहण समारोह मुंबई के राजभवन में हुआ, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।
सामाजिक और राजनीतिक पहल
सीपी राधाकृष्णन ने 2004 में 93 दिन लंबी 19,000 किलोमीटर की रथयात्रा निकाली थी। इस यात्रा में उन्होंने नदी जोड़ो परियोजना, समान नागरिक संहिता और आतंकवाद उन्मूलन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। झारखंड के राज्यपाल रहते हुए उन्होंने कार्यकाल के शुरुआती चार महीनों में सभी 24 जिलों का दौरा किया और सीधे नागरिकों से संवाद स्थापित किया।
अंतरराष्ट्रीय और व्यक्तिगत जीवन
वे अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, जापान और ताइवान सहित कई देशों की यात्रा कर चुके हैं। कॉलेज जीवन में वे टेबल टेनिस चैंपियन और लंबी दूरी के धावक भी रहे। साल 2016 से 2020 तक उन्होंने कोच्चि के कोयर बोर्ड अध्यक्ष के रूप में काम किया और 2020 से 2022 तक केरल BJP के अखिल भारतीय प्रभारी रहे।
सीपी राधाकृष्णन का राजनीतिक और सामाजिक जीवन जनसंघ से लेकर राज्यपाल और अब उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी तक के सफर का प्रतीक है। उनकी छवि एक जमीनी नेता और सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता की रही है। अब देखना यह होगा कि उपराष्ट्रपति चुनाव में वे NDA को कितनी मजबूती प्रदान करते हैं।










