Jamshedpur Murder Case : झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के एक बार में छेड़खानी का विरोध करने वाले 28 वर्षीय हिमांशु सिंह की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार रात हुई इस घटना में हिमांशु और उनके साथी प्रत्युष ने कुछ उपद्रवियों द्वारा की जा रही छेड़छाड़ का विरोध किया था, जिसके बाद मामला हिंसक हो गया। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें अपनी गश्ती गाड़ी में बिठाया, लेकिन आरोप है कि पुलिसकर्मियों के सामने ही हमलावरों ने दोनों को गाड़ी से खींचकर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। प्रत्युष की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

छह पुलिसकर्मी निलंबित, 10 लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर
इस घटना के बाद शहर में भारी आक्रोश है। लापरवाही बरतने के आरोप में छह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस उपाधीक्षक द्वारा की गई प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से गश्ती दल की गंभीर लापरवाही की पुष्टि हुई है। पुलिस ने बार मालिक समेत 10 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। जैसे ही हिमांशु की मौत की खबर फैली, हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। बिष्टुपुर चौराहे पर करीब छह घंटे तक भारी जाम लगा रहा, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने अपनी नाराजगी जताते हुए टायर जलाए और प्रशासनिक अधिकारियों के वाहनों पर भी हमला किया।

पीड़ित परिवार की तीन मुख्य मांगें
हिमांशु के पिता अरविंद कुमार सिंह ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर अपनी तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने हत्यारों को फांसी की सजा देने, हिमांशु की पत्नी को सरकारी नौकरी देने और उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है जिनकी मौजूदगी में यह जघन्य अपराध हुआ। हिमांशु के पिता ने छेड़खानी के दावे को नकारते हुए कहा कि हिमांशु तो झगड़ रहे गुटों के बीच बचाव कर रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की गाड़ी में होने के बावजूद उसके बेटे को नहीं बचाया गया और पुलिसकर्मी मूक दर्शक बने रहे।
विपक्ष का सरकार पर तीखा हमला
इस घटना ने राज्य की सियासत को भी गर्मा दिया है। भाजपा ने इसे राज्य सरकार की विफलता बताते हुए निशाना साधा है। भाजपा उपाध्यक्ष भानु प्रताप साही ने आरोप लगाया कि जमशेदपुर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी इस घटना को चिंताजनक बताते हुए कहा कि अगर अपराधी पुलिस की गाड़ी से किसी को खींचकर मार सकते हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा। वहीं, स्थानीय विधायक सरयू रॉय ने भी इस पूरी घटना के लिए पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। अब पूरा शहर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहा है।
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