DA Hike: देशभर के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ता यानी Dearness Allowance (DA) और महंगाई राहत यानी Dearness Relief (DR) आय का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बढ़ती महंगाई के असर को कम करने के लिए DA और DR में समय-समय पर संशोधन किया जाता है। आमतौर पर केंद्र और राज्य सरकारें साल में दो बार महंगाई भत्ते की समीक्षा करती हैं। वर्ष 2026 में कई राज्यों ने कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देते हुए DA-DR में बढ़ोतरी की है।
केंद्र सरकार ने DA बढ़ाकर किया 60 प्रतिशत
केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 में केंद्रीय कर्मचारियों के DA में 2 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी गई। सरकार के इस फैसले से करीब 50.46 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 68.27 लाख पेंशनर लाभान्वित हुए। इसके बाद कई राज्यों ने भी अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए समान या अलग दरों पर DA-DR बढ़ाने के फैसले किए।
पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ी DA बढ़ोतरी
2026 में अब तक सबसे बड़ी DA बढ़ोतरी पश्चिम बंगाल में देखने को मिली है। राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते में सीधे 20 प्रतिशत अंक की वृद्धि करने का फैसला किया है। इसके बाद कर्मचारियों का DA 18 प्रतिशत से बढ़कर 38 प्रतिशत हो जाएगा। यह संशोधित दर 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने की बात कही गई है। इस फैसले के बाद राज्य कर्मचारियों को महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद है।
लंबे समय से केंद्र से पीछे था बंगाल का DA
पश्चिम बंगाल में DA बढ़ोतरी इतनी बड़ी इसलिए दिखाई दे रही है क्योंकि राज्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता लंबे समय से केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में काफी कम था। वर्ष 2025 में राज्य का DA करीब 18 प्रतिशत तक पहुंचा था, जबकि केंद्र में यह दर काफी अधिक थी। ऐसे में राज्य सरकार ने एकमुश्त 20 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी करके अंतर को कम करने की कोशिश की है।
12 राज्यों में DA हुआ 60 प्रतिशत
2026 में अब तक कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 7वें वेतन आयोग के तहत DA को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया है। इनमें अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं। इन जगहों पर कर्मचारियों और संबंधित पेंशनरों को 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी का लाभ दिया गया है।
अन्य राज्यों में भी बढ़ा महंगाई भत्ता
DA में बढ़ोतरी केवल इन राज्यों तक सीमित नहीं है। त्रिपुरा में 5 प्रतिशत अंक और आंध्र प्रदेश में 4.55 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की गई है। आंध्र प्रदेश में लंबित DA के रिविजन का भी असर देखने को मिला। वहीं, कई अन्य राज्यों ने कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 2 प्रतिशत अंक की वृद्धि लागू की है। कुछ सरकारों ने पुराने एरियर के भुगतान से जुड़े फैसले भी किए हैं।
बिहार में अलग-अलग पे कमीशन की अलग दरें
बिहार में अलग-अलग वेतन आयोग के तहत आने वाले कर्मचारियों के लिए DA में अलग संशोधन किया गया है। 6वें वेतन आयोग वाले कर्मचारियों का DA 257 प्रतिशत से बढ़कर 262 प्रतिशत हो गया है। वहीं, 5वें वेतन आयोग के कर्मचारियों के लिए यह 474 प्रतिशत से बढ़कर 483 प्रतिशत किया गया है। 7वें वेतन आयोग के कर्मचारियों का DA 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया गया है।
DA बढ़ने से वेतन और पेंशन पर असर
महंगाई भत्ता सीधे कर्मचारी के बेसिक वेतन से जुड़ा होता है। इसलिए DA में बढ़ोतरी होने पर कर्मचारियों की मासिक सैलरी में भी इजाफा होता है। इसी तरह पेंशनरों को DR बढ़ने से उनकी पेंशन में राहत मिलती है। DA का असर कुछ अन्य भत्तों और भुगतान पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि सरकारी कर्मचारी और पेंशनर हर संशोधन पर नजर रखते हैं।
अगले DA रिविजन पर कर्मचारियों की नजर
2026 में कई राज्यों द्वारा DA बढ़ाए जाने के बाद अब कर्मचारियों की नजर अगले केंद्रीय DA संशोधन पर है। इसके अलावा 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत वेतन और पेंशन संरचना की समीक्षा को लेकर भी कर्मचारियों में उम्मीदें बनी हुई हैं। आने वाले फैसलों से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की आय तथा भत्तों में आगे बदलाव की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।
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