Dantan Election Violence
Dantan Election Violence : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए अब उलटी गिनती शुरू हो गई है। 23 अप्रैल को होने वाले प्रथम चरण के चुनाव के लिए शोर-शराबे वाला प्रचार अभियान भले ही थम गया हो, लेकिन चुनावी रंजिश की आग अब हिंसा का रूप लेने लगी है। मतदान से ठीक पहले पश्चिम मेदिनीपुर जिले का दांतन इलाका रणक्षेत्र बन गया। यहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार अजीत कुमार जाना पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है, जिसके बाद पूरे जिले में राजनीतिक पारा चरम पर पहुँच गया है।
पश्चिम मेदिनीपुर के दांतन विधानसभा क्षेत्र में प्रचार के अंतिम दौर में स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब भाजपा की एक रैली पर हमला हुआ। भाजपा उम्मीदवार अजीत कुमार जाना का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आश्रित बदमाशों ने उनकी जान लेने की कोशिश की। इस हिंसक झड़प में केवल उम्मीदवार ही नहीं, बल्कि भाजपा के कई सक्रिय कार्यकर्ता और समर्थक भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद से इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों के बीच डर और तनाव का माहौल बना हुआ है।
घटना के विस्तृत विवरण के अनुसार, मंगलवार दोपहर को भाजपा प्रत्याशी अजीत कुमार जाना के समर्थन में हरिपुर से एक विशाल मोटरबाइक रैली निकाली गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब यह जुलूस सबरा से मोहनपुर की ओर बढ़ते हुए अंताला इलाके में पहुँचा, तो वहाँ पहले से घात लगाए बैठे उपद्रवियों के एक समूह ने रैली पर अचानक धावा बोल दिया। आरोप है कि हमलावरों ने लाठियों और डंडों से कार्यकर्ताओं को पीटना शुरू कर दिया और दर्जनों मोटरसाइकिलों में तोड़-फोड़ की। भाजपा का दावा है कि यह हमला सुनियोजित था ताकि चुनाव से पहले उनके समर्थकों में दहशत पैदा की जा सके।
दूसरी ओर, सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के इन आरोपों को पूरी तरह से सिरे से खारिज कर दिया है। टीएमसी नेतृत्व का कहना है कि हमला भाजपा की ओर से किया गया था और उनके कार्यकर्ताओं ने केवल अपना बचाव किया। टीएमसी का आरोप है कि भाजपा बाहरी लोगों को बुलाकर इलाके में अशांति फैला रही है क्योंकि उन्हें अपनी हार का डर सता रहा है। दोनों दलों के बीच जारी इस आरोप-प्रत्यारोप ने चुनाव आयोग और जिला प्रशासन की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।
चुनाव से ठीक 48 घंटे पहले हुई इस बड़ी हिंसक घटना ने कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने दांतन और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया है। पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों ने प्रभावित क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतदान के दिन किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हिंसा में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी हिंसा का इतिहास पुराना रहा है, लेकिन 23 अप्रैल की वोटिंग से पहले दांतन की इस घटना ने मतदाताओं के मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। भाजपा और टीएमसी, दोनों ही दल इस समय एक-दूसरे को ‘हमलावर’ साबित करने में जुटे हैं। अब यह देखना होगा कि भारी सुरक्षा के बीच क्या पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो पाता है या राजनीतिक विद्वेष की यह चिंगारी मतदान के दिन भी अशांति का कारण बनती है। फिलहाल, समूचे मेदिनीपुर में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
Read More: Iran-US Crisis: “बातचीत नहीं, अब युद्ध के मैदान में मिलेंगे!” ईरानी सेना ने अमेरिका को ललकारा!
PM Modi Privilege Motion: भारतीय राजनीति में महिला आरक्षण और संसदीय मर्यादाओं को लेकर टकराव…
Mallikarjun Kharge Controversial : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान की तारीख जैसे-जैसे नजदीक…
Iran-US Crisis: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ता का दूसरा दौर पाकिस्तान…
Peter Magyar Netanyahu : हंगरी के आम चुनावों के नतीजों ने न केवल यूरोप बल्कि…
Pappu Yadav Controversy: बिहार की राजनीति में अपने बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहने…
Nepal Alert: नेपाल की राजनीति में बड़े बदलाव के साथ सत्ता में आई बालेन शाह…
This website uses cookies.