Dantewada Landslide Alert: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही वर्षा के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भू-स्खलन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे अधिक प्रभाव अरनपुर-जगरगुंडा घाटी मार्ग पर देखने को मिला है, जहां प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अगले 48 घंटे और बारिश जारी रहने तक इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। जिला प्रशासन का कहना है कि मौसम सामान्य होने और स्थिति का दोबारा आकलन करने के बाद ही मार्ग को खोला जाएगा।

अरनपुर-जगरगुंडा घाटी में बढ़ा भू-स्खलन का खतरा
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, 28 जुलाई 2026 की रात अरनपुर-जगरगुंडा घाटी मार्ग पर लैंडस्लाइड की घटना हुई थी। पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मिट्टी और पत्थर सड़क पर आ गए थे, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। राहत टीमों ने लगभग छह घंटे तक लगातार मेहनत कर मलबा हटाया और सड़क को अस्थायी रूप से यातायात योग्य बनाया। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में अब भी खतरा पूरी तरह टला नहीं है।

निरीक्षण में सामने आई नई चिंताजनक स्थिति
तहसीलदार बचेली और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एसडीओ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि पहाड़ी से लगातार पानी के साथ मिट्टी का रिसाव हो रहा है। यह स्थिति किसी भी समय दोबारा बड़े भू-स्खलन का कारण बन सकती है। अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी की मिट्टी कमजोर हो चुकी है, जिससे मार्ग पर यात्रा करना फिलहाल सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
सड़क के कई हिस्से भी हुए कमजोर
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि घाटी मार्ग के कई अन्य हिस्सों में पेड़ गिरने, तेज जल प्रवाह और मिट्टी खिसकने से सड़क के किनारे का हिस्सा काफी कमजोर हो गया है। कुछ स्थानों पर सड़क को नुकसान भी पहुंचा है। प्रशासन का कहना है कि यदि ऐसे हालात में वाहनों की आवाजाही जारी रहती है तो दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है। इसी वजह से एहतियातन मार्ग को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
आपदा से निपटने के लिए विशेष निगरानी टीमों का गठन
दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने बताया कि संभावित आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसके लिए विशेष निगरानी टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं। इसके साथ ही यातायात विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
संवेदनशील स्थानों पर बचाव दल और गोताखोर तैनात
प्रशासन ने जिले के नदी-नालों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में बचाव व्यवस्था को भी मजबूत किया है। कलेक्टर के निर्देश पर गोताखोरों और राहत-बचाव दलों को संभावित जोखिम वाले स्थानों पर तैनात रहने को कहा गया है। यदि भारी बारिश के कारण कोई अप्रिय घटना होती है, तो तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सकेगा। प्रशासन लगातार मौसम और जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।
लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने जिलेवासियों से अपील की है कि लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। उन्होंने लोगों से बिना अत्यंत आवश्यक कारण घरों से बाहर नहीं निकलने, बंद किए गए मार्गों पर यात्रा करने से बचने और प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
स्थिति पर लगातार नजर, मौसम सामान्य होने के बाद होगा फैसला
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अरनपुर-जगरगुंडा घाटी मार्ग को तभी खोला जाएगा जब विशेषज्ञों की टीम यह सुनिश्चित कर देगी कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित है। तब तक क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जाएगी और मौसम की स्थिति के अनुसार आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की भी अपील की है।
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