Deepinder Goyal Temple : Zomato के बाद अब इसके संस्थापक दीपिंदर गोयल टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपने नए वियरेबल डिवाइस ‘Temple’ के जरिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं। गोयल के मुताबिक Temple का नया वर्जन पहले प्रदर्शित किए गए मॉडल के मुकाबले आधे से भी छोटा है। कंपनी जल्द ही इसके लिमिटेड लॉन्च एडिशन के लिए प्री-ऑर्डर शुरू कर सकती है। दावा किया जा रहा है कि आकार के लिहाज से यह बाजार में मौजूद सबसे छोटे वियरेबल डिवाइसों में शामिल है।
छोटा आकार और ज्यादा पावरफुल तकनीक
दीपिंदर गोयल ने बताया कि Temple का नया मॉडल केवल आकार में छोटा नहीं हुआ है, बल्कि इसे अब तक का सबसे पावरफुल वर्जन भी बताया जा रहा है। कंपनी की योजना 2026 के अंत से पहले डिवाइस की शिपिंग शुरू करने की है। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले महीनों में कंपनी अपने इस नए प्रोडक्ट को लेकर और जानकारी सार्वजनिक कर सकती है।
पॉडकास्ट से चर्चा में आया था Temple
Temple पहली बार उस समय लोगों की नजर में आया, जब दीपिंदर गोयल इस साल की शुरुआत में राज शमानी के ‘Figuring Out’ पॉडकास्ट में शामिल हुए थे। बातचीत के दौरान उनके माथे के किनारे एक छोटा मैटेलिक डिवाइस लगा दिखाई दिया था। इसके बाद इस रहस्यमयी गैजेट को लेकर सोशल मीडिया और टेक जगत में काफी चर्चा शुरू हो गई। बाद में बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु समेत कई एथलीट्स को भी Temple पहने देखा गया।
Temple सामान्य फिटनेस ट्रैकर से अलग
Temple को आम स्मार्टवॉच या फिटनेस बैंड से अलग उद्देश्य के लिए डिजाइन किया गया है। सामान्य वियरेबल्स मुख्य रूप से हार्ट रेट, स्टेप्स, कैलोरी और शारीरिक गतिविधियों पर नजर रखते हैं। इसके विपरीत Temple का फोकस दिमाग के आसपास होने वाली गतिविधियों और शरीर की प्रतिक्रिया से जुड़े संकेतों को समझने पर है। यही वजह है कि इसे हेल्थ और परफॉर्मेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अलग तरह का डिवाइस माना जा रहा है।
दिमाग के संकेतों और ब्लड फ्लो पर नजर
Temple को मस्तिष्क की कार्यप्रणाली से जुड़े संकेतों और रियल-टाइम ब्लड फ्लो को ट्रैक करने के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए ऑक्सीजन स्तर, कॉग्निटिव लोड और एंट्रॉपी जैसे संकेतों से जुड़ा डेटा हासिल किया जा सकता है। इसका उद्देश्य यूजर्स को यह समझने में मदद करना है कि अलग-अलग गतिविधियों के दौरान उनका दिमाग और शरीर किस तरह प्रतिक्रिया करता है।
एथलीट्स के लिए उपयोगी हो सकता है डिवाइस
Temple की तकनीक खिलाड़ियों और एथलीट्स के लिए खास तौर पर उपयोगी साबित हो सकती है। पारंपरिक फिटनेस ट्रैकर यह बता सकते हैं कि किसी व्यक्ति ने कितनी देर या कितनी तीव्रता से व्यायाम किया, लेकिन Temple दिमाग से जुड़े संकेतों के आधार पर थकान, रिकवरी, फोकस और नींद जैसी स्थितियों को समझने में अतिरिक्त जानकारी दे सकता है।
रिसर्च तकनीक को रोजमर्रा के इस्तेमाल तक लाने की कोशिश
Temple का उद्देश्य उन मापदंडों को छोटे वियरेबल में लाना है, जिनका अध्ययन आमतौर पर वैज्ञानिक नियंत्रित परिस्थितियों में करते हैं। अगर डिवाइस के दावे और तकनीकी क्षमता व्यावहारिक रूप से सफल साबित होती है, तो यूजर्स रोजमर्रा की गतिविधियों के दौरान अपने शरीर और दिमाग की प्रतिक्रिया से जुड़े ज्यादा विस्तृत डेटा को समझ सकते हैं।
कीमत को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं
दीपिंदर गोयल या कंपनी की ओर से Temple की अंतिम कीमत की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है। हालांकि, कुछ अनुमानों में इसकी कीमत करीब 72,000 रुपये बताई जा रही है। यह कीमत केवल अनुमान पर आधारित है और वास्तविक कीमत लॉन्च के समय अलग हो सकती है। कंपनी लिमिटेड एडिशन की बिक्री के लिए प्री-ऑर्डर शुरू करने की तैयारी कर रही है।
2026 के अंत से पहले शुरू होगी शिपिंग
Temple को लेकर कंपनी की योजना 2026 के अंत से पहले शिपिंग शुरू करने की है। फिलहाल कंपनी ने प्री-ऑर्डर की सटीक तारीख, अंतिम कीमत और व्यापक उपलब्धता की पूरी जानकारी साझा नहीं की है। यदि यह डिवाइस अपने दावों के मुताबिक प्रदर्शन करता है, तो यह फिटनेस वियरेबल बाजार में एक अलग श्रेणी तैयार कर सकता है।
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