Dehradun Violence : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के विकासनगर क्षेत्र स्थित बैरागीवाला गांव में एक हिंदू युवक की निर्मम हत्या के बाद से माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। खेत में पानी लगाने के मामूली विवाद को लेकर भड़की इस हिंसा में बजरंग दल के कार्यकर्ता विनोद कश्यप की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस खौफनाक वारदात के बाद स्थानीय लोगों और हिंदूवादी संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र भीड़ ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उनके घरों को ध्वस्त करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। देखते ही देखते आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों के घर पर हमला बोल दिया और उसे आग के हवाले कर दिया। वर्तमान में पूरे इलाके में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसे नियंत्रित करने के लिए आस-पास के कई थानों की पुलिस टीमें मौके पर कैंप कर रही हैं।

आरोपियों पर बड़ी कार्रवाई
इस भीषण हत्याकांड के सिलसिले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 लोगों के खिलाफ नामजद और करीब 25 अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में रज्जाक, इम्तियाज, अमन, यूनुस, शाहबाज, शराफत अली, मासूम, आदिल, शमून, सलमान, जावेद और इंतजार शामिल हैं। घटना के बाद बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मुख्य आरोपी के घर के पास बने अवैध निर्माण को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए लगातार नजर बनाए हुए है।

पुलिस से धक्का-मुक्की और उग्र भीड़ द्वारा जमकर पथराव
विनोद कश्यप की हत्या से भड़के बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने इंसाफ की मांग को लेकर उग्र रूप अख्तियार कर लिया। गांव में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रही पुलिस टीम के साथ प्रदर्शनकारियों की तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान इलाके में जमकर पथराव और आगजनी भी देखने को मिली। गुस्साई भीड़ ने हत्या के आरोपियों के ठिकानों को निशाना बनाया। माहौल को काबू में करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
एसपी देहात का बयान: पानी लगाने के मामूली विवाद में गई जान
पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए एसपी देहात पंकज गैरोला ने बताया कि यह विवाद खेत में पानी लगाने को लेकर शुरू हुआ था। मामूली बहस के बाद दूसरे पक्ष के कुछ युवकों ने गांव में एकजुट होकर विनोद नामक युवक पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस हमले में तीन अन्य युवक भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसपी ने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हमले का खौफनाक सीसीटीवी फुटेज आया सामने, सड़कों पर दौड़े हमलावर
बैरागीवाला गांव में विकास नामक एक अन्य युवक पर हुए हमले का एक हैरान करने वाला सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है। इस वीडियो में लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस उपद्रवी सड़कों पर खुलेआम दौड़ते और आतंक मचाते दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में कुछ लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं, जिससे साफ पता चलता है कि वारदात के वक्त गांव में किस कदर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था।
नेशनल हाईवे जाम, भाजपा विधायक ने थाना प्रभारी को लगाई कड़ी लताड़
हत्याकांड के विरोध में हिंदू समुदाय के सैकड़ों लोगों ने नेशनल हाईवे (NH) को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। घटना की सूचना मिलते ही विकासनगर के भाजपा विधायक मुन्ना चौहान पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें सांत्वना देते हुए सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। विधायक ने सहसपुर कोतवाली के मौजूदा थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन्हें कड़ी लताड़ लगाई और सभी आरोपियों को अविलंब जेल भेजने के निर्देश दिए।
प्रदर्शनकारियों का गंभीर आरोप
प्रदर्शन में शामिल हिंदूवादी संगठनों के नेताओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई सामान्य झगड़ा नहीं है, बल्कि एक हिंदू युवक की सोची-समझी रणनीति के तहत मॉब लिंचिंग की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि समुदाय विशेष के कुछ लोग देवभूमि उत्तराखंड की शांति भंग कर इसे कश्मीर बनाना चाहते हैं। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, आरोपी पक्ष के लोग अत्यंत झगड़ालू प्रवृत्ति के हैं और वे पहले भी एक जनप्रतिनिधि पर जानलेवा हमला कर चुके हैं। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ ऐसी मिसाल कायम की जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत न कर सके।
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