Delcy Rodriguez President
Delcy Rodriguez President: वेनेजुएला के राजनीतिक परिदृश्य में शनिवार को एक ऐतिहासिक मोड़ आया, जब देश के सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को नया ‘अंतरिम राष्ट्रपति’ नियुक्त करने का औपचारिक आदेश जारी किया। यह निर्णय राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी विशेष बलों द्वारा एक गुप्त सैन्य अभियान में हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद लिया गया है। देश में उत्पन्न हुए सुरक्षा और प्रशासनिक वैक्यूम को भरने के लिए अदालत ने रोड्रिग्ज पर भरोसा जताया है। मादुरो की अचानक अनुपस्थिति के कारण वेनेजुएला के भीतर गृहयुद्ध और अस्थिरता की गंभीर आशंका बनी हुई थी, जिसे देखते हुए संवैधानिक उत्तराधिकार के तहत यह बड़ी जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है।
अमेरिकी हमले और मादुरो को बंदी बनाकर न्यूयॉर्क ले जाए जाने के बाद काराकस में अराजकता जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। ऐसे नाजुक समय में एक ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता थी जो मादुरो के वफादारों और सेना को एकजुट रख सके। डेल्सी रोड्रिग्ज न केवल उपराष्ट्रपति के रूप में शासन का अनुभव रखती हैं, बल्कि वे लंबे समय से मादुरो प्रशासन की सबसे भरोसेमंद स्तंभ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि उनकी नियुक्ति से देश में प्रशासनिक निरंतरता बनी रहेगी और विदेशी हस्तक्षेप के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा तैयार किया जा सकेगा।
18 मई 1969 को काराकस में जन्मी डेल्सी रोड्रिग्ज की जड़ें क्रांतिकारी राजनीति में गहराई से जुड़ी हैं। उनके पिता, जॉर्ज एंटोनियो रोड्रिग्ज, एक प्रख्यात वामपंथी गुरिल्ला लड़ाके थे और उन्होंने 1970 के दशक में ‘लीगा सोशलिस्टा’ नामक पार्टी की स्थापना की थी। डेल्सी ने अपने पिता की उसी वैचारिक विरासत को आगे बढ़ाया है। उनकी कार्यक्षमता और आक्रामक तेवर के कारण ही निकोलस मादुरो ने उन्हें एक बार ‘शेरनी’ (Lioness) की उपाधि दी थी। उन्होंने विदेश मंत्री से लेकर उपराष्ट्रपति तक के कई अहम पदों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है और वेनेजुएला की कूटनीति में उनकी भूमिका निर्णायक रही है।
पद संभालने के तुरंत बाद डेल्सी रोड्रिग्ज ने वाशिंगटन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर राष्ट्रपति मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की। रोड्रिग्ज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वेनेजुएला एक संप्रभु राष्ट्र है और वह कभी भी अमेरिका का उपनिवेश नहीं बनेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि उनका देश अपने विशाल प्राकृतिक संसाधनों और तेल भंडारों की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ने को तैयार है। उन्होंने अमेरिकी कार्रवाई को एक ‘अपहरण’ करार देते हुए इसे वैश्विक कानून का खुला उल्लंघन बताया है।
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला 2019 से ही अमेरिकी तेल प्रतिबंधों की मार झेल रहा है। वर्तमान में वेनेजुएला प्रतिदिन लगभग दस लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करता है, जिसे अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण काले बाजार में भारी छूट पर बेचना पड़ता है। डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल क्षेत्र को ‘पूरी तरह से चौपट’ करार दिया है। हालांकि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल भंडार है, लेकिन अमेरिकी हस्तक्षेप और आर्थिक प्रतिबंधों ने इसकी अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। अब डेल्सी रोड्रिग्ज के सामने सबसे बड़ी चुनौती न केवल मादुरो को वापस लाना है, बल्कि जर्जर अर्थव्यवस्था और तेल क्षेत्र को अमेरिकी प्रभाव से बचाना भी है।
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