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Delhi AQI: दिल्ली में हवा हुई ‘जहर’ से भी बदतर, दिवाली के बाद टूटा चार साल का रिकॉर्ड

Delhi AQI:  देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ने इस बार दिवाली के बाद पिछले चार वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पटाखों के धुएं और स्थिर मौसम के कारण PM2.5 का स्तर 675 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया, जो कि ‘गंभीर’ और स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक श्रेणी में आता है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) भी लगातार ‘बेहद खराब’ स्तर पर बना हुआ है।

दिवाली के बाद दिल्ली की हवा सबसे ज़हरीली

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिवाली के बाद मंगलवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 351 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ की श्रेणी में आता है। राजधानी के कई इलाकों में AQI 360 के पार पहुंच चुका है।
विशेषकर ITO और अक्षरधाम जैसे क्षेत्रों में AQI क्रमशः 361 और 360 रहा।

दिल्ली के ऊपर स्मॉग की मोटी चादर छाई हुई है, जिससे सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है। धुंध और धुएं के इस मिश्रण ने लोगों की आंखों में जलन और सांस की तकलीफ को और बढ़ा दिया है।

टूटे चार साल के रिकॉर्ड

पिछले वर्षों की तुलना में इस बार दिवाली के अगले दिन की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही:

वर्ष दिवाली के बाद AQI
2024 330
2023 218
2022 312
2021 382
2025 351 (PM2.5: 675 µg/m³)

PM2.5 का स्तर 675 तक पहुंचना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम की चेतावनी है। यह स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों से 25 गुना अधिक है।

GRAP लागू, फिर भी हालात बदतर

दिल्ली सरकार और प्रदूषण नियंत्रण निकायों द्वारा GRAP-2 (Graded Response Action Plan) लागू किया गया है, लेकिन प्रभाव न के बराबर दिखाई दे रहा है।धूल नियंत्रण, निर्माण गतिविधियों पर रोक और पानी का छिड़काव जैसी उपायों के बावजूद वायु गुणवत्ता में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा।

मौसम का डबल अटैक: गर्मी + स्मॉग

दिल्लीवासी इस समय ‘डबल अटैक’ का सामना कर रहे हैं – एक ओर जहरीली हवा और दूसरी ओर मौसम की गर्माहट। हवा की रफ्तार मात्र 8 किमी/घंटा है, जो प्रदूषण को और ज्यादा जमा होने दे रही है।सुबह के समय कोहरे और स्मॉग की संयुक्त चादर ने लोगों को घर से निकलने में परेशानी में डाल दिया है।

राहत कब मिलेगी?

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 21 से 26 अक्टूबर के बीच पश्चिमी विक्षोभ के चलते दिल्ली, हरियाणा और आसपास के राज्यों में हल्की बारिश हो सकती है। बारिश से हवा में जमा प्रदूषक कणों की सफाई संभव है, जिससे वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार होने की उम्मीद है।

क्या करें, कैसे बचें?

  • घर से बाहर निकलते समय N95 मास्क का इस्तेमाल करें

  • बुजुर्ग, बच्चे और सांस के मरीज अनावश्यक बाहर न जाएं

  • एयर प्यूरिफायर का उपयोग करें

  • सुबह की सैर या एक्सरसाइज फिलहाल टालें

दिवाली के बाद दिल्ली की हवा ने एक बार फिर बता दिया है कि त्योहार के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी जरूरी है। लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता अब सामाजिक और स्वास्थ्य आपातकाल का रूप लेती जा रही है। जब तक नीति, मौसम और जागरूकता एक साथ काम नहीं करेंगे, तब तक हर साल दिल्ली को ऐसी ‘गैस चेंबर’ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।

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