Delhi Blast
Delhi Blast: दिल्ली के लाल किला के पास सोमवार को हुए विस्फोट के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की भूमिका की पुष्टि हो चुकी है। शुरुआती जांच में ही यह संकेत मिल गया था कि यह हमला भारत की शांति और स्थिरता को अस्थिर करने की बड़ी साजिश का हिस्सा है। अब सुरक्षा एजेंसियों के पास ऐसे ठोस सबूत हैं जो इस ब्लास्ट को सीधे जैश मॉड्यूल से जोड़ते हैं।
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सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इस हमले के बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों का ‘शाही स्वागत’ किया गया। बताया जा रहा है कि लाल किला विस्फोट के बाद आतंकियों ने इस घटना को “कामयाबी” बताकर जश्न मनाया। इस दौरान कई टॉप कमांडरों की मीटिंग भी हुई, जिसमें भविष्य में भारत के खिलाफ नए आतंकी अभियानों की योजना पर चर्चा की गई।खुफिया सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को POK के कोटली इलाके में लश्कर के शीर्ष नेताओं अब्दुल रऊफ और रिजवान हनीफ की एक अहम बैठक हुई। रिजवान हनीफ, लश्कर की POK यूनिट का डिप्टी अमीर (उप प्रमुख) है और जैश-ए-मोहम्मद के साथ उसके सीधे संपर्क हैं। वही इन दोनों संगठनों के बीच मुख्य लिंक मैन के रूप में काम करता है।
रिजवान हनीफ के पास हिलाल-उल-हक ब्रिगेड नामक एक कॉम्बैट यूनिट की कमान है, जो लश्कर और जैश दोनों की संयुक्त ब्रिगेड मानी जाती है। यह यूनिट PAFF (पीपल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट) के नाम से सक्रिय है। अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले का मुख्य आरोपी हबीब ताहिर भी इसी ब्रिगेड से जुड़ा था और रिजवान हनीफ के संपर्क में था।
रिजवान हनीफ लंबे समय से POK में युवाओं को ब्रेनवॉश कर आतंक के रास्ते पर ले जाने का काम कर रहा है। उसका मकसद स्थानीय लोगों को बहला-फुसलाकर उन्हें आतंकी ट्रेनिंग कैंपों तक पहुंचाना है। अगस्त में आई रिपोर्टों के अनुसार, वह जम्मू-कश्मीर यूनाइटेड मुजाहिदीन (JKUM) का कमांडर भी है — यह संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही हिस्सा है।सूत्रों का कहना है कि हनीफ POK में युवाओं की भर्ती, हथियारों की तस्करी और भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने में अहम भूमिका निभा रहा है। वह भारत में आतंकी मॉड्यूल्स को फंडिंग, साजो-सामान और रणनीतिक मदद प्रदान करता है।
लाल किला विस्फोट की जांच कर रही भारतीय एजेंसियों को अब जैश-ए-मोहम्मद की साजिश के स्पष्ट सबूत मिल चुके हैं। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि इस हमले में शामिल चार आतंकी जैश के एक सक्रिय टेरर मॉड्यूल का हिस्सा थे। एजेंसियां इस हमले से जुड़े तकनीकी डेटा, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
इस भीषण लाल किला ब्लास्ट में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। विस्फोट के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) इस केस में मिलकर काम कर रही हैं, ताकि साजिशकर्ताओं तक जल्द पहुंचा जा सके।
लाल किला विस्फोट ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारत के खिलाफ आतंकी साजिशें अब भी POK की जमीन से संचालित हो रही हैं। जैश और लश्कर जैसे संगठन न केवल आतंकी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, बल्कि उन्हें “उपलब्धि” बताकर युवाओं को गुमराह भी कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरी आतंकी चेन को तोड़ने के मिशन पर हैं।
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