Delhi NCR Pollution : दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गुरुवार, 5 नवंबर को राजधानी और आसपास के शहरों के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के बेहद ऊंचे आंकड़े दर्ज किए गए। प्रदूषण के साथ सुबह छाए घने स्मॉग ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हवा की खराब गुणवत्ता के कारण सांस संबंधी समस्याओं और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर चिंता बढ़ गई है। गुरुवार को तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
20 नवंबर तक निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली-एनसीआर में 5 नवंबर से 20 नवंबर तक निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर पाबंदी लगाई गई है। इस फैसले का असर क्षेत्र में चल रही कई विकास परियोजनाओं पर पड़ सकता है। हालांकि, अस्पतालों से जुड़े निर्माण कार्यों को छूट दी गई है। इसके अलावा मेट्रो, रेलवे, हवाई अड्डे, अंतरराज्यीय बस अड्डे, जलापूर्ति, स्वच्छता और राष्ट्रीय महत्व की कुछ परियोजनाओं को निर्धारित शर्तों के तहत अनुमति दी गई है। यह प्रतिबंध मुख्य रूप से धूल और प्रदूषण फैलाने वाले निर्माण कार्यों पर लागू होगा।

स्मॉग के कारण सुबह दृश्यता भी हुई प्रभावित
गुरुवार सुबह दिल्ली के कई हिस्सों में प्रदूषण और स्मॉग की मोटी परत दिखाई दी। इसके कारण सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में दृश्यता प्रभावित हुई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में औसत दृश्यता लगभग 3.5 से 4 किलोमीटर दर्ज की गई। हालांकि, कुछ अधिक प्रदूषित इलाकों में सुबह के समय दृश्यता इससे भी कम रही। धुंध और प्रदूषण के मिले-जुले असर से वाहन चालकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।

दिल्ली के कई इलाकों में AQI के चौंकाने वाले आंकड़े
प्रदूषण से जुड़े उपलब्ध आंकड़ों में दिल्ली के कई क्षेत्रों की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई गई है। सोनिया विहार में AQI 662, विवेक विहार में 660 और आनंद विहार में 637 दर्ज किया गया। पुथ खुर्द में यह आंकड़ा 629, पर्यटन विहार में 553 और नई दिल्ली शहर में 552 रहा। रविंद्र नगर में 533, झंडेवालान में 521 और खेरा डाबर में 516 दर्ज किया गया। वहीं, आरके पुरम में AQI 489 और नवजीवन विहार में 487 बताया गया।
गाजियाबाद में भी प्रदूषण का गंभीर असर
दिल्ली से सटे गाजियाबाद में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बताई गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शहर का समग्र AQI 704 दर्ज किया गया। राज नगर एक्सटेंशन में 713 और संजय नगर में 711 का आंकड़ा सामने आया। नसबंदी कॉलोनी में AQI 698, मोहन नगर में 693 और इंद्रपुरी लोनी देहात में 682 दर्ज किया गया। सूर्य नगर में 676, साहिबाबाद में 668, न्याय खंड-1 में 631 और इंदिरापुरम में 625 का स्तर बताया गया।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी राहत नहीं
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, नोएडा का समग्र AQI 636 बताया गया। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-V में 675 और नॉलेज पार्क-II में 624 दर्ज किया गया। नोएडा के सेक्टर-128 में AQI 641, सेक्टर-100 में 583 और सेक्टर-52 में 569 रहा। सेक्टर-29 और सेक्टर-36 में 568, जबकि सेक्टर-94 में 557 का स्तर दर्ज होने की जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता, लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और गले में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। जरूरत पड़ने पर बाहर जाते समय उपयुक्त मास्क पहनें और घर के भीतर वायु गुणवत्ता बेहतर रखने के उपाय करें। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
अगले दिनों में प्रदूषण से राहत मिलेगी या नहीं?
दिल्ली-एनसीआर में निर्माण गतिविधियों पर रोक और प्रदूषण नियंत्रण के अन्य उपायों के बावजूद हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता में कितना सुधार होगा, यह मौसम और प्रदूषण के स्रोतों पर निर्भर करेगा। फिलहाल प्रशासनिक प्रतिबंधों के साथ नागरिकों की सावधानी भी जरूरी है।
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