Delhi Protest Update : दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन अब बड़े स्तर पर पहुंच गया है। संगठन पिछले 25 दिनों से राजधानी में विरोध प्रदर्शन कर रहा है। सोमवार 20 जुलाई को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में अब तक राजधानी के पांच अलग-अलग थानों में कुल 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई घटनाओं पर पुलिस कार्रवाई
दिल्ली पुलिस के अनुसार, CJP के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान कई जगहों पर कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शन के दौरान हुई कथित झड़पों, नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा बलों से जुड़े मामलों को लेकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, CJP प्रदर्शन से जुड़े मामलों में सबसे ज्यादा एफआईआर संसद मार्ग थाने में दर्ज हुई हैं। यहां कुल चार मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा कनॉट प्लेस थाना में तीन, मंदिर मार्ग थाना में एक, बाराखंभा रोड थाना में एक और कर्तव्य पथ थाना में एक एफआईआर दर्ज की गई है।

RAF जवान पर हमले के मामले में भी दर्ज हुई FIR
प्रदर्शन के दौरान मंगलवार 21 जुलाई की शाम कनॉट प्लेस इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान पर हमले का मामला सामने आया। इस घटना को लेकर भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा बलों के साथ किसी भी तरह की हिंसा या बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।CJP प्रदर्शन को लेकर बाराखंभा रोड थाने में दर्ज एफआईआर में कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने, आदेशों की अवहेलना करने और हिंसक गतिविधियों से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
प्रदर्शनकारियों पर BNS की कई धाराओं में कार्रवाई
बाराखंभा थाने की एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराएं शामिल की गई हैं। इनमें धारा 223 के तहत लोक सेवक के वैध कार्य में बाधा डालना, धारा 221 के तहत सरकारी आदेश का उल्लंघन और धारा 132 के तहत लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग जैसी धाराएं लगाई गई हैं।इसके अलावा धारा 121(1) और 121(2) के तहत लोक सेवकों को चोट पहुंचाने, धारा 189(3) के तहत गैरकानूनी सभा में शामिल होने और धारा 190 के तहत भीड़ द्वारा किए गए अपराध की जिम्मेदारी से जुड़ी धाराएं भी लगाई गई हैं।
दंगा, हिंसा और संपत्ति नुकसान से जुड़ी धाराएं भी शामिल
पुलिस ने एफआईआर में धारा 191(2) के तहत खतरनाक हथियारों के साथ दंगा करने, धारा 192 के तहत दंगे के लिए उकसाने और धारा 195(1) के तहत लोक सेवक के काम में बाधा डालने जैसी धाराएं भी जोड़ी हैं।इसके अलावा हत्या के प्रयास से संबंधित धारा 109 BNS और सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी धारा 324(5) भी एफआईआर में शामिल की गई है। सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम (PDPP Act) की धारा 3 के तहत भी कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ाई निगरानी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि राजधानी में संसद का मानसून सत्र चल रहा है और कई राजनीतिक संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां प्रदर्शन स्थलों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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