Delhi Weather
Delhi Weather: दिल्ली, नोएडा से लेकर गाजियाबाद तक के मौसम में इन दिनों लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों से जहाँ कड़ाके की सर्दी बढ़ने की उम्मीद थी, वहीं तापमान में आश्चर्यजनक रूप से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान बताता है कि आने वाले दिनों में भी दिल्ली का मौसम ऐसा ही बना रहेगा, लेकिन 13 दिसंबर के बाद स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में 14 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की संभावना है। यानी, अभी कुछ दिनों तक लोगों को दिन की कड़कड़ाती ठंड से थोड़ी राहत मिलेगी। इस दौरान सुबह के समय हल्का-फुल्का कोहरा देखने को मिल सकता है, हालांकि अभी यह इतना घना नहीं होगा कि किसी तरह की चेतावनी जारी करनी पड़े। यह स्थिरता दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद तीनों क्षेत्रों में बनी हुई है।
मौसम विभाग का कहना है कि वर्तमान में पछुआ हवाओं की दिशा उत्तर की ओर है, जिसके कारण तापमान में यह स्थिरता बनी हुई है। लेकिन, 13 दिसंबर से पश्चिमी हिमालयी इलाके में एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) बनने की प्रबल संभावना है। इस विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद ही दिल्ली के मौसम में बड़े बदलाव के आसार दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही, एक अन्य मौसम प्रणाली भी सक्रिय हो रही है; बांग्लादेश के आसपास के इलाकों में एक साइक्लोन बनने के भी संकेत मिल रहे हैं, जिसका अप्रत्यक्ष असर मौसम पर पड़ सकता है। 13 दिसंबर के बाद, यह अपेक्षित है कि न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का एहसास बढ़ेगा।
जहाँ दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान में बड़ी गिरावट नहीं देखी जा रही है, वहीं देश के अन्य हिस्सों में मौसम का हाल काफी अलग है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके अलावा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों जैसे मेघालय और मणिपुर में भी घना कोहरा लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। पूर्वांचल में कुशीनगर और बहराइच, उत्तराखंड में पंत नगर और ऊधम सिंह नगर, बिहार में पटना, और ओडिशा में राउरकेला जैसे इलाकों में इस घने कोहरे का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे सकता है। मौसम विभाग ने बताया है कि पंजाब, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कुछ इलाकों में शीत लहर (Cold Wave) की स्थिति बनी हुई है, जिससे इन क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
आगामी पश्चिमी विक्षोभ के कारण, 13 दिसंबर से पश्चिमी हिमालयी इलाकों के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। यह बर्फबारी पहाड़ों पर ठंड बढ़ाएगी, जिसका असर जल्द ही उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी महसूस किया जाएगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के अनुसार, उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले 5 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव आने की संभावना नहीं है। मध्य भारत में अगले 2 दिनों तक तापमान स्थिर रहेगा, लेकिन उसके अगले तीन दिनों में इसमें थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। गुजरात, पूर्व और उत्तर पूर्व भारत में भी न्यूनतम तापमान स्थिर बने रहने का अनुमान है।
मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच, दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति अभी भी ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में बनी हुई है, जो चिंता का विषय है। शहर के कई प्रमुख निगरानी स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के निशान के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया गया है।
आनंद विहार: AQI 300 के आसपास।
अशोक विहार: AQI 328।
चांदनी चौक: AQI 305।
आईटीओ दिल्ली: AQI 309।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में स्थिति थोड़ी बेहतर है, जहाँ AQI क्रमशः 233 और 243 के करीब है, लेकिन यह भी संतोषजनक नहीं है। वहीं, गाजियाबाद का लोनी क्षेत्र सर्वाधिक प्रदूषित रहा, जहाँ AQI 366 तक पहुँच गया है, जो ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी को दर्शाता है। प्रदूषण का यह स्तर लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है, और इसमें सुधार के लिए तत्काल उपायों की आवश्यकता है।
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