Mojtaba Khamenei Coma:
Mojtaba Khamenei Coma: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष ने अब पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। ईरान ने अपने ऊपर हुए हवाई हमलों का बदला लेने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कुवैत, कतर और सऊदी अरब जैसे पड़ोसी खाड़ी देशों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इस युद्ध के बीच सबसे बड़ी चर्चा ईरान के नए नियुक्त सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई को लेकर हो रही है। पद संभालने के बाद से ही मुज्तबा की स्थिति को लेकर दुनिया भर की खुफिया एजेंसियों के बीच कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, जिसने वैश्विक कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस रहस्य पर से पर्दा उठाने की कोशिश करते हुए एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप का मानना है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई अभी भी जीवित हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मुज्तबा को पद संभालने के बाद से अब तक सार्वजनिक रूप से कहीं नहीं देखा गया है। ट्रंप की यह टिप्पणी उन रिपोर्टों के बीच आई है जिनमें दावा किया गया था कि मुज्तबा या तो हमले में मारे गए हैं या फिर अत्यंत गंभीर स्थिति में हैं। ट्रंप ने संकेत दिया कि मुज्तबा “किसी न किसी रूप में” सक्रिय हो सकते हैं, भले ही वे दुनिया के सामने न आ रहे हों।
राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान अमेरिकी मीडिया की उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें मुज्तबा खामेनेई के गंभीर रूप से घायल होने की बात कही गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को तेहरान में अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए एक भीषण संयुक्त हमले के दौरान मुज्तबा घायल हो गए थे। इसी हमले में उनके पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी। खुफिया सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि मुज्तबा संभवतः कोमा में हैं और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है, यही कारण है कि वे किसी वीडियो या सार्वजनिक सभा में दिखाई नहीं दे रहे हैं।
फॉक्स न्यूज रेडियो पर ‘ब्रायन किल्मीड शो’ के दौरान बात करते हुए ट्रंप ने अपनी खुफिया ब्रीफिंग के आधार पर कहा, “मुझे लगता है कि शायद मुज्तबा खामेनेई जीवित हैं। मेरा मानना है कि उन्हें चोट जरूर लगी है, लेकिन वे किसी न किसी रूप में अस्तित्व में हैं।” शुक्रवार सुबह प्रसारित हुए इस इंटरव्यू में ट्रंप ने मुज्तबा के उस पहले सार्वजनिक संदेश पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने युद्ध जारी रखने का संकल्प लिया था। ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि ईरान को अब समझ लेना चाहिए कि यह युद्ध उनके लिए कितना महंगा साबित होने वाला है।
हाल ही में मुज्तबा खामेनेई के नाम से एक संदेश जारी किया गया था, जिसने युद्ध की आग को और भड़का दिया। इस संदेश में उन्होंने कहा था कि ईरान अपने शहीदों के खून का बदला लेने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने अपने सैन्य कमांडरों को ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को पूरी तरह बंद करने और पड़ोसी खाड़ी अरब देशों पर हमले जारी रखने का निर्देश दिया है, ताकि उन पर दबाव बनाया जा सके। गौर करने वाली बात यह है कि यह संदेश न तो टीवी पर लाइव दिया गया और न ही इसकी कोई वीडियो रिकॉर्डिंग जारी की गई, जिससे उनके “कोमा में होने” के दावों को और बल मिला है।
ईरान में पहली बार ऐसा हो रहा है कि देश का सुप्रीम लीडर जनता के सामने आए बिना शासन चला रहा है। यह “अदृश्य नेतृत्व” पूरी दुनिया के लिए एक पहेली बन गया है। यदि मुज्तबा वास्तव में गंभीर रूप से घायल हैं, तो सवाल उठता है कि ईरान के कड़े फैसले कौन ले रहा है? क्या यह ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की कोई सोची-समझी चाल है या मुज्तबा वास्तव में अस्पताल के बिस्तर से कमान संभाल रहे हैं? आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि ट्रंप का दावा कितना सही है और मिडिल ईस्ट की यह जंग क्या मोड़ लेती है।
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