Devendra Fadnavis : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को नागपुर में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। फडणवीस ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश में ‘अल्ट्रा लेफ्टिस्ट माइंडसेट’ स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के आंदोलन को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस तथा उसके सहयोगी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। ये आरोप मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक बयान में लगाए हैं।
कांग्रेस को हार के कारणों पर आत्ममंथन करने की सलाह
फडणवीस ने कहा कि कांग्रेस को चुनावों में लगातार मिल रही हार के कारणों की तलाश इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय अपने नेतृत्व में करनी चाहिए। उनके मुताबिक, पार्टी को अपनी राजनीतिक स्थिति का आकलन करना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि नेतृत्व को बार-बार नए सिरे से पेश किए जाने के बावजूद कांग्रेस को अपेक्षित सफलता नहीं मिल रही है।
कई राज्यों में कांग्रेस की स्थिति का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उत्तर प्रदेश, बिहार और गुजरात का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इन राज्यों में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से बाहर रही है। फडणवीस के अनुसार, कई राज्यों में मतदाताओं ने कांग्रेस को लगातार नकारा है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का राजनीतिक प्रभाव कमजोर हुआ है और कांग्रेस को अपनी चुनावी रणनीति तथा नेतृत्व पर विचार करने की जरूरत है। ये राज्यवार अवधि संबंधी आंकड़े मुख्यमंत्री के दावों पर आधारित हैं।
संवैधानिक संस्थाओं को लेकर कांग्रेस पर आरोप
फडणवीस ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट तथा भारतीय रिजर्व बैंक जैसी संस्थाओं पर सवाल उठाकर उन्हें बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखना लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष की आलोचना करते हुए दावा किया कि संस्थाओं के खिलाफ लगातार आरोप लगाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। हालांकि, ये टिप्पणियां फडणवीस के राजनीतिक आरोप हैं।
सुप्रीम कोर्ट मार्च और CJI से मुलाकात पर उठाए सवाल
राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने और मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात का अनुरोध करने पर भी फडणवीस ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या किसी राजनीतिक मार्च के सामने मुख्य न्यायाधीश को आकर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान का सम्मान किया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर फडणवीस ने विपक्ष के कदमों की आलोचना की।
सोशल मीडिया पोस्ट को बढ़ावा देने के दावे
मुख्यमंत्री ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों और सोशल मीडिया गतिविधियों का जिक्र करते हुए दावा किया कि कुछ विदेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अराजकतावादी पोस्ट को अधिक प्रसार देने के लिए भुगतान किया गया था। उन्होंने कहा कि संसदीय समिति के सामने बुलाए गए प्लेटफॉर्म ने इस संबंध में बात स्वीकार की थी। हालांकि, इस आरोप के समर्थन में यहां स्वतंत्र पुष्टि या संबंधित समिति के बयान का विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस दावे की पुष्टि के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड और संबंधित प्लेटफॉर्म की प्रतिक्रिया देखना जरूरी है।
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