Chhatron Ki Goonj : कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान अब मध्य प्रदेश पहुंच चुका है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों के साथ संवाद करेंगे। कांग्रेस ने कार्यक्रम को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं। पार्टी के अनुसार, यह अभियान छात्रों की शिक्षा, परीक्षा, भर्ती और रोजगार से जुड़ी समस्याओं को सामने रखने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
छात्रों से संपर्क के लिए चलाया गया पंजीयन अभियान
कार्यक्रम से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इंदौर तथा आसपास के क्षेत्रों में छात्रों से संपर्क किया। कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और अन्य शैक्षणिक परिसरों में संवाद के साथ पंजीयन अभियान चलाया गया। पार्टी नेताओं के मुताबिक, छात्रों को जोड़ने के लिए डिजिटल माध्यमों और बारकोड आधारित पंजीयन का भी इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस ने बड़ी संख्या में छात्रों के कार्यक्रम में पहुंचने का दावा किया है।
शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर होगी चर्चा
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक, सरकारी भर्ती और रोजगार जैसे विषयों पर चर्चा की तैयारी है। कांग्रेस का कहना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में शैक्षणिक कैलेंडर समय पर लागू होना चाहिए और परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जानी चाहिए। पार्टी युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों से जुड़े सवालों को भी कार्यक्रम में उठाने की बात कह रही है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी का मुद्दा भी अहम
मध्य प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विद्यार्थियों की समस्याएं भी कार्यक्रम के प्रमुख विषयों में शामिल हो सकती हैं। कांग्रेस ने व्यापम, एमपीपीएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में परीक्षा प्रक्रिया, परिणाम और नियुक्तियों में देरी जैसे मुद्दों को उठाया है। इन विषयों पर छात्रों से सीधे बातचीत के जरिए उनकी समस्याओं और अनुभवों को सामने लाने की कोशिश की जा रही है।
युवाओं तक पहुंच बनाने पर कांग्रेस का जोर
कांग्रेस इस कार्यक्रम को छात्र संवाद के साथ युवाओं तक पहुंच बनाने के अभियान के रूप में भी आगे बढ़ा रही है। पार्टी नेताओं ने इंदौर में छात्रों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए कॉलेजों, पुस्तकालयों, हॉस्टलों और कोचिंग संस्थानों में अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, अभियान के दौरान पारंपरिक भाषणों के बजाय छात्रों से अनौपचारिक बातचीत और संवाद पर भी जोर दिया गया।
आदिवासी छात्रों की भागीदारी पर भी नजर
कार्यक्रम में आदिवासी छात्रों की भागीदारी को भी कांग्रेस महत्वपूर्ण मान रही है। पार्टी की ओर से झाबुआ और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्रों को इंदौर लाने की तैयारी का दावा किया गया है। इससे पहले पुणे में आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी ने आदिवासी छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाया था। इंदौर में भी ऐसे विषय चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं।
कार्यक्रम के लिए बदला गया आयोजन स्थल
राहुल गांधी का इंदौर कार्यक्रम पहले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित था, लेकिन वहां अनुमति नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम की तारीख और स्थल में बदलाव किया गया। अब कार्यक्रम 19 सितंबर को क्षेत्रीय पार्क के सामने स्थित सरकारी जमीन पर आयोजित किया जा रहा है। कांग्रेस और प्रशासन के बीच आयोजन स्थल को लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आए हैं।
आयोजन को लेकर प्रशासन और कांग्रेस में विवाद
कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल की जा रही जमीन को लेकर इंदौर विकास प्राधिकरण ने कांग्रेस से अतिरिक्त भुगतान की मांग की थी। प्राधिकरण के अनुसार, निर्धारित अवधि से पहले जमीन के एक हिस्से का इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते करीब 4.03 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान मांगा गया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लेकर अलग आपत्ति जताई है।
छात्रों की समस्याओं पर राहुल गांधी का फोकस
राहुल गांधी ने कार्यक्रम से पहले छात्रों को संबोधित करते हुए कहा है कि वह इंदौर में उनसे मिलने, उनकी बातें सुनने और उनसे संवाद करने आएंगे। कार्यक्रम के जरिए शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा और रोजगार से जुड़े छात्रों के सवालों को सार्वजनिक मंच मिलने की उम्मीद है। अब 19 सितंबर को होने वाले इस कार्यक्रम में राहुल गांधी किन मुद्दों को प्रमुखता देते हैं, इस पर नजर रहेगी।
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