मध्य प्रदेश के देवास जिले में जवारा विसर्जन के दौरान अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जबकि छह से अधिक को अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुएं के ऊपर पीपल के पेड़ पर छत्ता था। आखिर पानी के छींटों से कैसे मचा हड़कंप?
मध्य प्रदेश के देवास जिले में जवारा विसर्जन के दौरान अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जबकि छह से अधिक को अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुएं के ऊपर पीपल के पेड़ पर छत्ता था। आखिर पानी के छींटों से कैसे मचा हड़कंप?

Dewas News : मध्य प्रदेश के देवास जिले के राजोदा गांव में मंगलवार सुबह जवारा विसर्जन के दौरान अचानक मधुमक्खियों ने लोगों पर हमला कर दिया। इस घटना में 40 से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों में छह से अधिक लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मधुमक्खियों के अचानक हमले से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। अपनी जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे।

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 9 बजे राजोदा गांव में जवारा विसर्जन का कार्यक्रम चल रहा था। धार्मिक आयोजन में शामिल कई लोग कुएं के पास मौजूद थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने नहाने के लिए कुएं में छलांग लगा दी। बताया जा रहा है कि कुएं के ठीक ऊपर स्थित पीपल के पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता लगा हुआ था। नहाते समय पानी के छींटे छत्ते तक पहुंचने के बाद मधुमक्खियां भड़क गईं और वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुरुआत में लोगों को समझ नहीं आया कि अचानक मधुमक्खियां इतनी आक्रामक क्यों हो गईं। कुछ ही देर में मधुमक्खियों ने आसपास मौजूद लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। हमले के कारण वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। देखते ही देखते धार्मिक आयोजन का माहौल अफरा-तफरी में बदल गया। इस घटना में 40 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है।
घायल संतोष पाटीदार के अनुसार, लोग जवारे लेकर कुएं के पास बैठे हुए थे। इसी बीच कुछ लोग नहाने के लिए कुएं में उतरे और पानी के छींटे पीपल के पेड़ पर बने छत्ते तक पहुंच गए। इसके बाद मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। संतोष ने बताया कि शुरुआत में लोगों को लगा कि मधुमक्खियां थोड़ी देर में शांत हो जाएंगी, लेकिन हमला लगातार बढ़ता गया। अपनी जान बचाने के लिए कुछ लोग करीब दो किलोमीटर तक दौड़ते रहे।
संतोष पाटीदार ने बताया कि मधुमक्खियों से बचने के लिए लोगों ने नीम की डालियों और हाथों का सहारा लिया। कुछ लोगों ने खुद को सुरक्षित रखने के लिए नेट का इस्तेमाल किया। संतोष के मुताबिक, वे करीब 15 मिनट तक नेट के अंदर बैठे रहे। इस दौरान मधुमक्खियां उनके ऊपर मंडराती रहीं और बाहर निकलने की हिम्मत नहीं हुई। घटना के दौरान लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मधुमक्खियों के हमले के बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, छह से अधिक लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जबकि अन्य घायल लोगों को भी उपचार की जरूरत पड़ी। घटना के बाद गांव में चिंता और दहशत का माहौल बन गया। जवारा विसर्जन जैसे धार्मिक आयोजन के दौरान हुई इस घटना ने लोगों को हैरान कर दिया। घायलों की स्थिति और उपचार से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।
राजोदा गांव की इस घटना में मधुमक्खियों के छत्ते के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत एक बार फिर सामने आई है। पेड़ों या इमारतों पर लगे छत्तों के पास अचानक हलचल होने से मधुमक्खियां आक्रामक हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में छत्ते को खुद हटाने या मधुमक्खियों को छेड़ने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाना जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को कई बार डंक लगे या सांस लेने में परेशानी, चेहरे पर सूजन अथवा चक्कर आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
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