JSSC CGL Scam : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी को एक बार फिर बड़ी कामयाबी मिली है। जांच एजेंसी ने अलग-अलग भर्ती परीक्षा मामलों में दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें बिहार के जमुई जिले का रहने वाला एक व्यक्ति और रांची में कोचिंग सेंटर संचालित करने वाला व्यक्ति शामिल है। इन गिरफ्तारियों के बाद केवल JSSC-CGL परीक्षा-2023 में सीआईडी की ओर से गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या 13 तक पहुंच गई है।
JSSC-CGL मामले में दिलीप कुमार पासवान गिरफ्तार
सीआईडी अधिकारी के अनुसार, बिहार के जमुई जिले के निवासी दिलीप कुमार पासवान को JSSC-CGL परीक्षा-2023 में कथित गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। पासवान की उम्र 41 वर्ष बताई गई है। जांच एजेंसी का आरोप है कि उसने परीक्षा में शामिल कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाने में भूमिका निभाई थी। सीआईडी अब इस मामले में उसकी भूमिका और अन्य संदिग्ध लोगों से उसके संबंधों की जांच कर रही है।
JPSC मामले में कोचिंग संचालक पर कार्रवाई
दूसरी गिरफ्तारी झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में हुई है। सीआईडी ने रांची के एक कोचिंग सेंटर संचालक संजित कुमार को गिरफ्तार किया है। वह सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के रातू रोड का रहने वाला बताया गया है। जांच के दौरान एजेंसी को उसकी कथित गतिविधियों और परीक्षा से जुड़े नेटवर्क में भूमिका को लेकर जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई की गई।
शिवांगम कोचिंग सेंटर का संचालक था संजित
अधिकारी के मुताबिक, संजित कुमार रांची में शिवांगम कोचिंग सेंटर चलाता है। जांच में उसके एजेंट के तौर पर सक्रिय होने की बात सामने आई है। सीआईडी ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा से संबंधित कथित अनियमितताओं में उसकी भूमिका कितनी व्यापक थी और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।
JPSC मामले में 20 से ज्यादा गिरफ्तारियां
JPSC भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के दौरान सीआईडी अब तक 20 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते का नाम भी शामिल है। उन्हें 10 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अलग-अलग स्तरों पर संभावित भूमिका की पड़ताल कर रही है।
परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर शुरू हुआ था आंदोलन
JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने और मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए 25 जुलाई से आंदोलन शुरू किया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई थी। आंदोलन के दबाव के बीच राज्य सरकार ने 18 अगस्त को JSSC-CGL-2023 सहित कई परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था।
हाई कोर्ट ने परीक्षा रद्द करने के फैसले पर लगाई रोक
सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद छात्रों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया था। हालांकि, परीक्षा में सफल उम्मीदवारों की ओर से दायर याचिका के बाद झारखंड हाई कोर्ट ने सरकार के परीक्षा रद्द करने के निर्णय पर रोक लगा दी। ऐसे में भर्ती परीक्षाओं को लेकर कानूनी स्थिति भी महत्वपूर्ण बनी हुई है। फिलहाल कथित अनियमितताओं की जांच सीआईडी कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे और कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
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