Dhamtari Farmers Crisis: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। नगर पंचायत करेली बड़ी क्षेत्र के किसान मंगलवार को अपनी समस्याएं लेकर कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे। इस दौरान किसानों ने अधिकारियों के सामने अपनी खराब हो चुकी धान की फसल भी प्रदर्शित की, ताकि उन्हें नुकसान की वास्तविक स्थिति का अंदाजा हो सके। किसानों का कहना है कि खेतों में कई दिनों से पानी भरा होने के कारण लगभग 100 एकड़ में लगी धान की फसल पूरी तरह प्रभावित हो गई है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल राहत, मुआवजा और स्थायी समाधान की मांग की।

जल निकासी नहीं होने से बर्बाद हुई फसल
किसानों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है, लेकिन उचित जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से स्थिति और गंभीर हो गई। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने के कारण धान की फसल सड़ने लगी है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते पानी की निकासी हो जाती, तो उनकी मेहनत और फसल दोनों को बचाया जा सकता था। अब बड़ी संख्या में किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

चारभाठा नाले की कम चौड़ाई बनी मुख्य समस्या
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा को सौंपे गए ज्ञापन में किसानों ने बताया कि गांव और खेतों का अतिरिक्त वर्षा जल चारभाठा नाले के माध्यम से बाहर निकलता है। हालांकि, नाले की चौड़ाई पर्याप्त नहीं होने के कारण पानी का बहाव बाधित हो जाता है। परिणामस्वरूप आसपास के खेतों में जलभराव हो जाता है और फसलें डूब जाती हैं। किसानों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में यही समस्या सामने आती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया।
वर्षों से उठ रही है समस्या, नहीं मिला समाधान
किसानों के अनुसार यह कोई नई समस्या नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों से वे प्रशासन के समक्ष इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। अनेक बार ज्ञापन और आवेदन भी सौंपे गए, लेकिन अब तक न तो नाले का चौड़ीकरण हुआ और न ही जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था बनाई गई। किसानों का कहना है कि यदि पहले ही आवश्यक कदम उठाए गए होते, तो इस बार इतनी बड़ी फसल क्षति नहीं होती।
किसान ने सुनाई अपनी पीड़ा
किसान भरत लाल निषाद ने बताया कि समय पर जल निकासी की व्यवस्था न होने से उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर गया। उन्होंने कहा कि हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन मिलता है। उनका कहना है कि अब किसानों को स्थायी समाधान चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो और खेती सुरक्षित रह सके।
नाला सफाई और चौड़ीकरण की उठाई मांग
किसानों ने प्रशासन से मांग की कि चारभाठा बाट से नारी बाट तक नाले की तत्काल सफाई कराई जाए और उसका चौड़ीकरण किया जाए। उनका कहना है कि इससे वर्षा का पानी आसानी से निकल सकेगा और खेतों में जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। किसानों ने इसे केवल मौजूदा समस्या का समाधान ही नहीं, बल्कि भविष्य में फसलों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी बताया।
फसल सर्वे और मुआवजे की मांग
किसानों ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द से जल्द सर्वे कराया जाए। सर्वे के आधार पर जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे आर्थिक नुकसान से उबर सकें और अगली फसल की तैयारी कर सकें। किसानों का कहना है कि समय पर राहत मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति को कुछ सहारा मिल सकेगा।
कलेक्टर ने जांच के दिए निर्देश
किसानों की शिकायत सुनने के बाद धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेने का भरोसा दिया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर स्थिति की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजनाओं और नियमों के अनुसार किसानों के हित में जो भी उचित होगा, वह किया जाएगा।
किसानों को प्रशासन से राहत की उम्मीद
किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही जल निकासी की व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो आने वाले दिनों में लगातार बारिश से और अधिक खेत जलमग्न हो सकते हैं। इससे फसल नुकसान का दायरा और बढ़ जाएगा। ऐसे में किसान चाहते हैं कि प्रशासन केवल अस्थायी राहत ही नहीं, बल्कि इस समस्या का स्थायी समाधान भी सुनिश्चित करे। अब सभी प्रभावित किसानों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई और राहत उपायों पर टिकी हुई है।
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