Dhamtari Leopard Cub
Dhamtari Leopard Cub: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से वन्यजीव और इंसानी आबादी के आमने-सामने आने की एक दिलचस्प खबर सामने आई है। जिले के सिहावा-नगरी वनांचल क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ग्रामीणों ने एक तेंदुए के शावक को खुले खेतों में घूमते हुए देखा। तेंदुए के बच्चे की मौजूदगी की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई और कुछ ही देर में वहां लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। जहां एक ओर छोटे बच्चों और किसानों में डर का माहौल था, वहीं दूसरी ओर इस नन्हें शिकारी को करीब से देखने के लिए ग्रामीणों में भारी कौतूहल भी देखा गया। भीड़ को नियंत्रित करना और शावक की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्थानीय प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की एक विशेष टीम आवश्यक संसाधनों के साथ मौके पर पहुँची। बिरगुड़ी वन परिक्षेत्र के छिपली पारा गांव में चलाए गए इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टीम ने बड़ी सावधानी से शावक को अपने नियंत्रण में लिया। वन कर्मियों ने सबसे पहले भीड़ को पीछे हटाया ताकि शावक तनाव में न आए। इसके बाद, शावक को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर ब्लॉक मुख्यालय नगरी स्थित पशु चिकित्सालय ले जाया गया, ताकि उसकी शारीरिक स्थिति का जायजा लिया जा सके।
वन विभाग द्वारा जुटाई गई जानकारी के अनुसार, यह शावक लगभग पांच से छह महीने का है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नन्हा तेंदुआ श्रृंगी ऋषि पहाड़ी के घने वन क्षेत्र से रास्ता भटक गया था। पहाड़ी के नीचे से चलते हुए वह जंगल की सीमा लांघकर राजस्व इलाके के खेतों तक पहुँच गया। आमतौर पर इतनी कम उम्र के शावक अपनी मां के साथ रहते हैं, इसलिए वन विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि मादा तेंदुआ आसपास के क्षेत्र में तो नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शावक खेतों के बीच काफी देर तक बैठा रहा, जिसके बाद वह ग्रामीणों की नजर में आया।
नगरी स्थित वेटनरी अस्पताल में शावक का प्राथमिक उपचार और परीक्षण किया गया। वन परिक्षेत्र अधिकारी सुरेंद्र कुमार अजय ने मीडिया को बताया कि जब शावक मिला तो वह पूरी तरह से पानी में भीगा हुआ था, जिससे संभावना जताई जा रही है कि वह किसी नाले या गीली झाड़ियों से होकर आया होगा। हालांकि, शुरुआती जांच में उसकी स्थिति सामान्य और स्वस्थ पाई गई है। बेहतर देखभाल और विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विभाग ने उसे नया रायपुर स्थित ‘जंगल सफारी’ भेजने का निर्णय लिया है। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसे रखा जाएगा ताकि भविष्य में उसके पुनर्वास पर विचार किया जा सके।
इस घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि भविष्य में कभी भी कोई जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्र में दिखाई दे, तो उसे खुद पकड़ने की कोशिश न करें और न ही उसके पास जाकर शोर मचाएं। जंगली जानवर भीड़ और शोर से घबराकर हिंसक हो सकते हैं या खुद को घायल कर सकते हैं। धमतरी का यह वनांचल क्षेत्र जैव विविधता से समृद्ध है, इसलिए अक्सर यहां जंगली जानवरों की हलचल बनी रहती है। फिलहाल, नन्हा शावक सुरक्षित हाथों में है और जंगल सफारी में उसकी विशेष देखभाल की जा रही है।
Ambikapur News : सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने…
Ambikapur Land Mafia : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर में बस स्टैंड के पास स्थित ऐतिहासिक…
WB Elections : पश्चिम बंगाल में मतगणना (Counting) की प्रक्रिया और निष्पक्षता को लेकर सत्ताधारी…
Balcony Gardening Tips : भारतीय व्यंजनों में भिंडी का एक विशेष स्थान है। चाहे मसालेदार…
Viral Video : आज के दौर में सोशल मीडिया हमारी जीवनशैली का एक अभिन्न अंग…
Anemia in Children : आज के दौर में छोटे बच्चों में खून की कमी यानी…
This website uses cookies.