Dhamtari Police Transfer: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पुलिस महकमे के भीतर एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सूरज सिंह परिहार के कुशल मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थानों और चौकियों में तैनात 192 आरक्षकों का स्थानांतरण किया गया है। इस बड़ी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग में पारदर्शिता लाना, कार्य कुशलता में सुधार करना और लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे स्टाफ के बीच नए उत्साह का संचार करना है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से न केवल कानून-व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि पुलिस बल के भीतर संतुलन भी बना रहेगा।

दो साल की समयसीमा का पालन: एक ही थाने में जमे जवानों को मिली नई जिम्मेदारी
प्रशासनिक दृष्टिकोण से यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस सूची में उन आरक्षकों को प्राथमिकता दी गई है, जो पिछले 2 साल या उससे अधिक समय से एक ही थाने या चौकी में अपनी सेवाएं दे रहे थे। आमतौर पर एक ही स्थान पर लंबे समय तक पदस्थ रहने से कार्यप्रणाली में एकरसता आ जाती है, जिसे दूर करने के लिए यह बदलाव अनिवार्य माना जा रहा था। एसपी सूरज सिंह परिहार ने स्पष्ट किया कि यह रूटीन प्रक्रिया पुलिस बल की सक्रियता बनाए रखने के लिए जरूरी है।
दो चरणों में पारदर्शी प्रक्रिया: महिला आरक्षक और डीआरजी जवान भी शामिल
स्थानांतरण की यह विशाल प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की गई। पहले चरण में 121 आरक्षकों के नाम जारी किए गए, जबकि दूसरे चरण की सूची में 71 आरक्षकों को शामिल किया गया। इस पूरी फेहरिस्त में केवल पुरुष जवान ही नहीं, बल्कि 31 महिला आरक्षक भी शामिल हैं, जिन्हें विभागीय नीतियों के तहत नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, जिले की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले डिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड (DRG) के 18 जवानों को भी विभिन्न थानों में तैनात किया गया है, ताकि स्थानीय पुलिसिंग को उनकी विशेषज्ञता का लाभ मिल सके।
संवेदनशीलता का परिचय: आरक्षकों की पसंद और बच्चों की पढ़ाई का रखा गया ख्याल
इस तबादला प्रक्रिया की सबसे अनूठी और मानवीय बात यह रही कि इसे बेहद संवेदनशीलता के साथ अंजाम दिया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र पांडे के अनुसार, एसपी ने स्थानांतरण से पहले सभी आरक्षकों से उनके तीन पसंदीदा स्थानों के विकल्प मांगे थे। अधिकांश जवानों को उनके द्वारा दिए गए विकल्पों के आधार पर ही तैनाती दी गई है। इसके अलावा, यह आदेश जानबूझकर शैक्षणिक सत्र की समाप्ति के बाद जारी किया गया, ताकि आरक्षकों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और परिवारों को नए स्थान पर शिफ्ट होने में कोई असुविधा न हो।







पूरे जिले में समान वितरण: कुरुद से लेकर नगरी तक बदली सुरक्षा कमान
इन 192 आरक्षकों को धमतरी शहर के साथ-साथ अर्जुनी, सिहावा, कुरूद, मगरलोड, नगरी, भखारा और रुद्री जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण थानों में पदस्थ किया गया है। बल के इस समान वितरण से जिले के हर कोने में पुलिस की उपस्थिति और अधिक प्रभावी होगी। पुलिस प्रशासन को उम्मीद है कि इस बदलाव के बाद भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और जनता की शिकायतों का निवारण अधिक त्वरित गति से हो सकेगा।
कार्य कुशलता और मनोबल में वृद्धि: नई ऊर्जा के साथ काम करेगा पुलिस बल
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह एक साल के भीतर की सबसे बड़ी स्थानांतरण सूची है, जिसका सीधा सकारात्मक असर पुलिस बल के मनोबल पर पड़ेगा। जब कर्मचारियों की पसंद का ख्याल रखा जाता है, तो उनके कार्य संतोष में वृद्धि होती है। पारदर्शिता और मानवीय दृष्टिकोण के समन्वय से तैयार की गई यह सूची धमतरी पुलिसिंग को और अधिक आधुनिक और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। अब जिले के सभी थानों में नई ऊर्जा के साथ पुलिस बल अपराध नियंत्रण की दिशा में काम करेगा।

















