Dhan Kharidi 2025
Dhan Kharidi 2025: छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के लिए धान की खरीदी 15 नवंबर 2025 से शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने किसानों को प्रति क्विंटल 3100 रुपये का समर्थन मूल्य तय किया है। इस खरीदी के लिए पूरे प्रदेश में 2739 धान खरीदी केंद्र तैयार किए गए हैं। धान का उपार्जन सोमवार से शुक्रवार तक किया जाएगा, जिससे किसानों को सुविधा के साथ अपने उपज को बेचने का अवसर मिलेगा।
छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीदी के लिए 160 लाख मीट्रिक टन धान का लक्ष्य निर्धारित किया है। खरीदी प्रक्रिया में गोदाम स्तर पर खाद्यान्न की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाएगा। यह परीक्षण उपार्जन एजेंसी के गुणवत्ता सर्वेयर द्वारा किया जाएगा ताकि किसानों को उनके धान की उचित मूल्य मिल सके और खरीदी के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से शुरू होकर 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। किसानों को सूचित किया गया है कि वे केवल सोमवार से शुक्रवार तक अपने धान को खरीदी केंद्रों पर ले जा सकते हैं। इससे खरीदी केंद्रों पर भीड़ और दबाव कम होगा और प्रक्रिया और अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित होगी।
धान खरीदी के लिए दुर्ग जिले में 102 केंद्र बनाए गए हैं। हालांकि, पहले दिन केवल 34 केंद्रों पर धान खरीदी हुई। धान बेचने के लिए दुर्ग जिले के 116 किसानों ने टोकन प्राप्त किया था। पहले दिन का लक्ष्य 6,600 क्विंटल धान खरीदने का रखा गया। पिछले साल दुर्ग जिले में पहले दिन 1,233 किसानों ने लगभग 60,000 क्विंटल धान बेचा था।दुर्ग जिले में कुल 1,12,000 किसान रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से लगभग 1,11,000 किसानों का एग्रीस्टेट पर पंजीकरण सफलतापूर्वक हो पाया है। हालांकि, धान खरीदी केंद्रों के कई अधिकारी और कर्मचारी पिछले 13 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं, जिससे संचालन में कुछ बाधा उत्पन्न हो रही है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने धान के अवैध परिवहन और बिक्री को रोकने के लिए कई कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत राज्य की सीमा पर चेक पोस्ट स्थापित कर निगरानी बढ़ाई गई है। धान खरीदी केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ड्रेनेज, तारपोलिन और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि कोई अवैध परिवहन या बिक्री का मामला सामने आता है, तो इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम न केवल धान की गुणवत्ता और किसानों के हित को सुरक्षित करेगा, बल्कि खरीदी प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाएगा।
प्रदेश सरकार ने धान खरीदी को पूरी तरह सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया है। प्रत्येक केंद्र में किसानों के लिए आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही, धान खरीदी के दौरान किसी प्रकार की धोखाधड़ी या गड़बड़ी की संभावना को समाप्त करने के लिए गुणवत्ता जांच और रिकॉर्डिंग प्रणाली का प्रयोग किया जा रहा है।छत्तीसगढ़ सरकार ने इस साल धान खरीदी को तकनीक-सक्षम बनाने के लिए कई उपाय किए हैं। किसानों को टोकन प्रणाली के माध्यम से खरीदी केंद्रों पर बुलाया जा रहा है। इसके अलावा, खरीदी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और गुणवत्ता परीक्षण से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि धान का उचित मूल्य किसानों को समय पर मिले।
धान खरीदी किसानों के लिए मुख्य आय का स्रोत है। समर्थन मूल्य के माध्यम से किसानों को सुनिश्चित लाभ मिलता है। इस बार 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। इससे किसानों को समय पर आय मिलेगी और राज्य के खाद्य भंडारण में भी सुधार होगा।छत्तीसगढ़ में खरीफ धान की खरीदी इस बार व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संचालित हो रही है। सरकार ने धान की गुणवत्ता, सुरक्षा और खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। तकनीकी सहायता, सुरक्षा उपाय और किसानों की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह सुनिश्चित करता है कि किसानों का मेहनताना उनके उचित मूल्य पर उन्हें प्राप्त हो और राज्य की खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह सफल रहे।
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