Dhanteras 2026 : हिंदू धर्म में धनतेरस का त्योहार सुख-समृद्धि, धन और अच्छे स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है। हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान इसी तिथि पर भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी वजह से धनतेरस को धन्वंतरि जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन सोना-चांदी, बर्तन, वाहन और अन्य घरेलू सामान खरीदना शुभ माना जाता है। वहीं, शाम को घर के बाहर यम दीपक जलाकर अकाल मृत्यु से रक्षा की कामना की जाती है।
धनतेरस पर कब रहेगा राहुकाल?
इस वर्ष धनतेरस का त्योहार शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन खरीदारी और पूजा-पाठ के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। हालांकि, ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को अशुभ समय माना गया है। नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार, धनतेरस पर राहुकाल सुबह 10 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। इसकी अवधि लगभग 1 घंटा 22 मिनट होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान नए मांगलिक कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए। इसलिए सोना-चांदी या कोई अन्य महंगी वस्तु खरीदने की योजना बना रहे लोगों को इस समय का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

राहुकाल में कौन से काम करने से बचना चाहिए?
नया कारोबार शुरू न करें: राहुकाल में नई दुकान खोलने, व्यापार शुरू करने या नए कार्यालय का उद्घाटन करने से बचने की मान्यता है। माना जाता है कि इससे कामकाज में बाधाएं आ सकती हैं।

मांगलिक कार्यों से बचें: विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण और यज्ञ-हवन जैसे शुभ कार्यों की शुरुआत इस समय नहीं करनी चाहिए।
नई यात्रा शुरू न करें: किसी महत्वपूर्ण या शुभ उद्देश्य से यात्रा शुरू करने के लिए राहुकाल को अनुकूल नहीं माना जाता है। इसलिए दूसरा समय चुनना बेहतर माना जाता है।

महंगी चीजों की खरीदारी न करें: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल में सोना-चांदी, वाहन, मकान और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने से बचना चाहिए।
आर्थिक लेन-देन से परहेज करें: इस दौरान बड़ा उधार देने या लेने, महत्वपूर्ण आर्थिक समझौते करने और जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से बचने की सलाह दी जाती है।
करियर से जुड़े फैसले टालें: नौकरी का इंटरव्यू, कॉलेज में दाखिला या करियर से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए भी राहुकाल को उचित समय नहीं माना जाता है।
धनतेरस 2026 पर खरीदारी के शुभ चौघड़िया मुहूर्त
धनतेरस पर सोना-चांदी, बर्तन और अन्य उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी का विशेष महत्व है। नई दिल्ली के अनुसार, 6 नवंबर को खरीदारी के लिए ये चौघड़िया मुहूर्त बताए गए हैं।
- अमृत चौघड़िया: सुबह 10:31 से 10:42 बजे तक।
- शुभ चौघड़िया: दोपहर 12:04 से 1:26 बजे तक।
- चर चौघड़िया: शाम 4:10 से 5:32 बजे तक।
- लाभ चौघड़िया: रात 8:48 से 10:26 बजे तक।
धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त कब है?
धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा का विशेष महत्व है। नई दिल्ली के अनुसार, पूजा के लिए शाम 6:02 बजे से रात 7:57 बजे तक का समय शुभ बताया गया है।
- धनतेरस पूजा मुहूर्त: शाम 6:02 से 7:57 बजे तक।
- प्रदोष काल: शाम 5:32 से रात 8:09 बजे तक।
- वृषभ काल: शाम 6:02 से 7:57 बजे तक।
- यम दीपदान: शाम 5:32 से 6:51 बजे तक।
धनतेरस पर पूजा और खरीदारी से पहले रखें समय का ध्यान
धनतेरस पर खरीदारी के साथ भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। ऐसे में श्रद्धालु अपनी खरीदारी और पूजा की योजना शुभ मुहूर्त के अनुसार बना सकते हैं। ध्यान रखें कि दिए गए सभी समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त के अंतर के कारण मुहूर्त में बदलाव हो सकता है। स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि जरूर करें।


