NEET Protest vs Rath Yatra Post : नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय किए बिना आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। एक महीने से अधिक समय से चल रहे इस विरोध प्रदर्शन में देश के विभिन्न राज्यों से आए छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। आंदोलन के दौरान कई छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया है।

शिक्षा मंत्री की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
छात्रों के लगातार प्रदर्शन और बढ़ते विरोध के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ओर से आंदोलन को लेकर कोई आधिकारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रदर्शनकारी लगातार संवाद की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक छात्रों और शिक्षा मंत्रालय के बीच कोई प्रत्यक्ष बातचीत सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। इसी बीच मंत्री की सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

सोशल मीडिया पोस्ट बनी चर्चा का विषय
आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ओडिशा की रथ यात्रा से जुड़ा एक वीडियो साझा किया। पोस्ट में उन्होंने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए स्थानीय भाषा में धार्मिक संदेश लिखा। छात्रों के आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था पर चल रही बहस के बीच इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोग इसे सामान्य धार्मिक पोस्ट बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे मौजूदा परिस्थितियों के संदर्भ में चर्चा का विषय मान रहे हैं।
सीजेपी ने अपनाया सख्त रुख
नीट पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी मांगों पर सख्त रुख बनाए रखा है। संगठन के प्रतिनिधियों ने सरकार के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी प्रमुख मांग है और इस मुद्दे पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। संगठन का कहना है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
ଜୟ ଜଗନ୍ନାଥ🙏🏼
ନୀଳାଚଳନିବାସାୟ ନିତ୍ୟାୟ ପରମାତ୍ମନେ ।
ବଳଭଦ୍ରସୁଭଦ୍ରାଭ୍ୟାଂ ଜଗନ୍ନାଥାୟ ତେ ନମଃ ।। pic.twitter.com/NKCUfrSBca— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 24, 2026
सरकार के सामने रखीं चार प्रमुख मांगें
सीजेपी ने सरकार के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। दूसरी मांग नीट विवाद के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की है। तीसरी मांग आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमों को वापस लेने की है। वहीं चौथी मांग 20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर सरकार, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और दिल्ली पुलिस द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की है।
सरकार और प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बैठक
इन मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्रियों जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ सीजेपी प्रतिनिधिमंडल की आधिकारिक बैठक भी हुई। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई और आंदोलन समाप्त कराने के लिए समाधान तलाशने का प्रयास किया गया। हालांकि, बैठक के बाद भी किसी अंतिम सहमति की घोषणा नहीं हुई और दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना रहा।
सरकार ने मांगा विचार के लिए समय
बैठक के बाद जानकारी सामने आई कि केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगें सुनने के बाद सरकार की ओर से विस्तृत जवाब देने के लिए शनिवार तक का समय मांगा है। संगठन ने कहा है कि वह सरकार के अगले कदम का इंतजार करेगा, लेकिन यदि उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार का भी रखा प्रस्ताव
सीजेपी ने केवल तत्काल मांगें ही नहीं उठाईं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए पांच-सूत्रीय चार्टर भी सरकार के सामने प्रस्तुत किया है। संगठन का कहना है कि भविष्य में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं को रोकने के लिए संरचनात्मक सुधार आवश्यक हैं। वहीं सरकार की ओर से अभी तक इन प्रस्तावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की नजरें सरकार और आंदोलनकारी पक्ष के बीच होने वाली अगली बातचीत और संभावित निर्णय पर टिकी हुई हैं।
Read More : Black Sea Attack: जहाज पर हमले में भारतीय नाविक की मौत, MEA ने जताई कड़ी आपत्ति











