Dhruv Rathee News : चुनाव आयोग में सुधार और वोट चोरी के आरोपों को लेकर जारी विवाद के बीच यूट्यूबर ध्रुव राठी ने राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल से मुलाकात के बाद अपनी बात रखी। एबीपी न्यूज से बातचीत में राठी ने कहा कि वह किसी एक राजनीतिक दल का समर्थन करने के बजाय मुद्दों को महत्व देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग की निष्पक्षता और उसमें सुधार के सवाल को उठाना है।
किसी पार्टी या संगठन से जुड़ने से किया इनकार
ध्रुव राठी ने कहा कि उन्होंने किसी राजनीतिक दल या संगठन के समर्थन में आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। उनके मुताबिक, वह भारत में केवल दो से तीन दिन रहने की योजना बनाकर आए थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी संगठन के प्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि एक आम नागरिक के तौर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए हैं।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता को बताया जरूरी
राठी ने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर व्यक्तिगत रूप से गंभीर हैं और चाहते हैं कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम करे। उन्होंने वोट चोरी के आरोपों को लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उनके अनुसार, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद हैं। उन्होंने पिछले चुनावों को लेकर भी सवाल उठाए और भारतीय लोकतंत्र की स्थिति पर अपनी चिंता जाहिर की। ये उनके निजी विचार और आरोप हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि अलग से जरूरी है।
एक्स पोस्ट में मुलाकात और प्रेस कॉन्फ्रेंस की जानकारी
कपिल सिब्बल से मुलाकात से पहले ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर शाम साढ़े छह बजे उनसे मिलने की जानकारी दी थी। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने की बात भी कही। एक अन्य पोस्ट में राठी ने दावा किया कि उन्होंने किसी तरह का बॉन्ड या अंडरटेकिंग साइन नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि रिहाई के लिए उन्होंने किसी शर्त पर हस्ताक्षर नहीं किए।
दिल्ली पुलिस की हिरासत को लेकर लगाए आरोप
ध्रुव राठी के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली पुलिस उन्हें गुरुग्राम स्थित घर से ले गई थी, ताकि वह विरोध प्रदर्शन में शामिल न हो सकें। राठी ने एक वीडियो में आरोप लगाया कि सुबह जब वह अपने बेडरूम में सो रहे थे, तब कई लोग उनके घर में दाखिल हुए। उन्होंने अपने माता-पिता के साथ हाथापाई होने का भी आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष और स्वतंत्र पुष्टि सामने आना जरूरी है।
हिरासत को बताया अपहरण जैसा अनुभव
राठी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके मुताबिक यह सामान्य हिरासत नहीं थी, बल्कि उन्हें ऐसा लगा जैसे उनका अपहरण किया गया हो। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन पर लगातार नजर रखी जा रही है। इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित अधिकारियों का बयान और घटना से जुड़े तथ्य महत्वपूर्ण होंगे।
भारतीय नागरिकता को लेकर भी दी सफाई
ध्रुव राठी ने विदेशी नागरिक होने के दावों को खारिज करते हुए कहा कि वह भारतीय हैं और उनके पास भारतीय पासपोर्ट है। उन्होंने अन्य नागरिकों की तरह अपने अधिकारों का हवाला दिया। फिलहाल, उनके बयान के बाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता, विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर बहस फिर तेज हो सकती है। पूरे मामले में सभी पक्षों के बयान और सत्यापित तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकालना उचित होगा।
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