Diabetes Diet
Diabetes Diet: वजन बढ़ने और शुगर लेवल के असंतुलित होने के डर से अधिकांश डायबिटीज के मरीज अपने आहार से चावल को पूरी तरह हटा देते हैं। हालांकि, मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर बताया है कि चावल अपने आप में ब्लड शुगर नहीं बढ़ाता है। दरअसल, सारा खेल चावल को पकाने और उसे खाने के समय का है। यदि आप सही तकनीक का पालन करें, तो वेट लॉस प्रोसेस और डायबिटीज प्रबंधन के दौरान भी चावल का आनंद लिया जा सकता है। यह जानकारी उन लाखों लोगों के लिए राहत भरी है जो चावल के शौकीन हैं लेकिन बीमारी के डर से इसे छोड़ चुके हैं।
दीपशिखा के अनुसार, एक प्लेट चावल आपके शरीर के लिए या तो साधारण शुगर का काम कर सकता है या फिर एक हेल्दी फाइबर का स्रोत बन सकता है। यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने इसे कैसे तैयार किया है। अक्सर माना जाता है कि चावल में सिर्फ कार्बोहाइड्रेट होते हैं, लेकिन बनाने के तरीके में थोड़ा सा बदलाव इसके न्यूट्रिशनल प्रोफाइल को पूरी तरह बदल सकता है। इसका मतलब है कि चावल को आहार से पूरी तरह बाहर निकालने के बजाय, हमें उसे ‘स्मार्ट तरीके’ से पकाना सीखना होगा।
अक्सर लोग चावल को आंच से उतारते ही गरमा-गरम खाना पसंद करते हैं, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है। दीपशिखा ने वीडियो में चेतावनी दी है कि ताजा उबले हुए चावल में बहुत अधिक मात्रा में ‘जिलेटिनाइज्ड स्टार्च’ होता है। यह स्टार्च शरीर में जाते ही तुरंत शुगर में बदल जाता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल अचानक (Spike) बढ़ सकता है। इसके अलावा, ताजे चावल में कैलोरी की सघनता भी अधिक होती है, जो वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए बाधक बनती है।
चावल को स्वास्थ्यवर्धक बनाने का सबसे आसान तरीका उसे ठंडा करना है। डाइटिशियन ने विस्तार से समझाया कि जब आप पके हुए चावल को 8 से 10 घंटे के लिए ठंडा होने के लिए छोड़ देते हैं, तो इसमें मौजूद स्टार्च ‘रेसिस्टेंट स्टार्च’ में बदल जाता है। यह स्टार्च असल में एक प्रकार का फाइबर है। चूंकि फाइबर पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देता है, इसलिए इसे खाने के बाद ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता। यह रेसिस्टेंट स्टार्च आपके पेट (Gut) के स्वास्थ्य के लिए भी वरदान साबित होता है और ताजा चावल की तुलना में इसमें कैलोरी भी काफी कम हो जाती है।
दीपशिखा जैन की यह सलाह उन लोगों के लिए गेम-चेंजर है जो प्रीडायबिटीज या वजन की समस्या से जूझ रहे हैं। चावल को ठंडा करने के बाद दोबारा गर्म करके खाने से भी उसके फाइबर गुण बरकरार रहते हैं। इसके अलावा, चावल को हमेशा दाल, पनीर या ढेर सारी सब्जियों के साथ खाना चाहिए ताकि उसका ‘ग्लाइसेमिक इंडेक्स’ और भी कम हो जाए। सही मात्रा और सही तरीके से खाया गया चावल न केवल आपको संतुष्टि देगा बल्कि आपकी सेहत को भी नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
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