Dick Cheney Death:अमेरिका की राजनीति के सबसे प्रभावशाली और विवादित नेताओं में शुमार पूर्व उपराष्ट्रपति डिक चेनी (Dick Cheney) का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। परिवार की ओर से जारी बयान के अनुसार, चेनी का निधन निमोनिया और हृदय संबंधी जटिलताओं के कारण हुआ। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे।चेनी 2001 से 2009 तक राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के कार्यकाल में उपराष्ट्रपति रहे और उन्हें अमेरिकी इतिहास का सबसे शक्तिशाली उपराष्ट्रपति माना जाता था। उन्होंने अमेरिकी विदेश नीति, खासकर इराक युद्ध के निर्णय में केंद्रीय भूमिका निभाई थी।
डिक चेनी ने अपने जीवन का अधिकांश हिस्सा दिल की गंभीर बीमारियों से जूझते हुए बिताया। उन्हें 1978 से 2010 के बीच पांच बार दिल का दौरा पड़ा। आखिरी अटैक के बाद 2012 में उनका हार्ट ट्रांसप्लांट हुआ था।चेनी ने 2001 से एक विशेष हार्ट पंपिंग मशीन (LVAD) का इस्तेमाल किया, जिसे उन्होंने “विज्ञान का चमत्कार” बताया था। डॉक्टरों ने उन्हें “मेडिकल मिरेकल” कहा क्योंकि इतनी बार अटैक झेलने के बाद भी उनका जीवित रहना दुर्लभ माना जाता था।
रिचर्ड ब्रूस चेनी का जन्म 30 जनवरी 1941 को नेब्रास्का में हुआ था। उन्होंने वायोमिंग में परवरिश पाई और अपनी स्कूल की प्रेमिका लिन विन्सेंट से विवाह किया। येल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान उन्हें कमजोर प्रदर्शन के कारण बाहर कर दिया गया, लेकिन बाद में उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ वायोमिंग से राजनीति विज्ञान में बीए और एमए की डिग्री प्राप्त की।
चेनी ने राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के दौर में वाशिंगटन की राजनीति में प्रवेश किया और बाद में राष्ट्रपति जेराल्ड फोर्ड के चीफ ऑफ स्टाफ बने। 1978 में उन्होंने वायोमिंग से कांग्रेस चुनाव जीता और लगातार छह बार सांसद बने।1989 में राष्ट्रपति जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश ने उन्हें रक्षा मंत्री (Defense Secretary) नियुक्त किया। उसी दौरान उन्होंने 1991 के गल्फ वॉर में कुवैत को इराकी कब्जे से मुक्त कराने की रणनीति बनाई।
11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर आतंकी हमले के बाद चेनी ने “War on Terror” की नीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ ‘प्री-एम्पटिव वॉर’ (पहले हमला करने की नीति) का समर्थन किया और दावा किया कि इराक के पास विनाशकारी हथियार (WMDs) हैं।उनकी सलाह पर ही राष्ट्रपति बुश ने 2003 में इराक पर हमला किया। बाद की जांच में यह दावा झूठा निकला, लेकिन चेनी ने हमेशा कहा कि उन्होंने उस समय की उपलब्ध जानकारी के आधार पर निर्णय लिया था।
चेनी वॉटरबोर्डिंग और अन्य कठोर पूछताछ तरीकों के समर्थक थे। उनका तर्क था कि ऐसे उपाय देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं। मानवाधिकार संगठनों ने उनकी नीतियों की आलोचना की, लेकिन चेनी ने इन्हें “अमेरिकी सुरक्षा के लिए अनिवार्य” बताया।
अपने राजनीतिक जीवन के आखिरी वर्षों में चेनी रिपब्लिकन पार्टी से अलग-थलग पड़ गए। उन्होंने डोनाल्ड ट्रम्प को “कायर” और “अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा” कहा था।2024 के राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने खुलकर कहा कि वे कमला हैरिस को वोट देंगे क्योंकि “देश और संविधान की रक्षा पार्टी से ऊपर है।”
डिक चेनी का जीवन अमेरिकी राजनीति का एक विरोधाभासी अध्याय रहा—जहां एक ओर वे राष्ट्रीय सुरक्षा के कठोर प्रतीक थे, वहीं दूसरी ओर लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय अधिकारों पर विवादों में घिरे रहे। उनका निधन एक ऐसे युग का अंत है, जिसने अमेरिका की आधुनिक राजनीति को गहराई से प्रभावित किया।
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