अंबिकापुर (thetarget365)। जिला पंचायत सरगुजा की सामान्य सभा की बैठक आज भारी गहमागहमी माहौल में शुरू हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित जिला पंचायत के अन्य सदस्यों ने सरकार के कई योजना पर सवाल खड़े किये हैं और धरातल पर योजना के क्रियान्वयन को लेकर रोष व्यक्त करते हुए कई योजनाओं में जिला पंचायत सदस्यों की समिति बनाकर जांच की बात सामान्य सभा की बैठक में उठायी गई है। स्कूल जतन योजना, जल जीवन मिशन, डीएमएफ, जनपद पंचायत विकास निधि, 15वें वित्त, आंतरिक विद्युतीकरण सहित कई मुद्दों पर अधिकारियों को जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने घेरा। जिसका जवाब अधिकारियों के पास नहीं था। अधिकारियों के जवाब से सदस्यगण काफी नाराज़ दिखे।
बैठक में सर्वप्रथम जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने कलेक्टर सरगुजा को धन्यवाद प्रेषित किया एवं आमजनों की ओर से आभार जताते हुए कहा कि वनाधिकार पत्र वितरण को लेकर कलेक्टर सरगुजा ने जो पहल की है वह आमजनों के लिये काफी सहुलियत वाला होगा और जो समस्या लगातार जनप्रतिनिधियों के पास आती थी, वह अब कम हो जायेगी। दरअसल कलेक्टर सरगुजा ने वनाधिकार पत्र की कॉपी देने हर गुरूवार को 3 से 5 बजे का समय निर्धारित किया है और कहा है कि कलेक्ट्रेट कैम्पेस में अधिकारी जब से वनाधिकार कानून लागू हुआ है तब से लेकर अब तक बने जिले के समस्त वनाधिकार की कॉपी लेकर बैठेंगे और जिन्हें वनाधिकार पत्र प्राप्त नहीं हुआ है या जिनका गुम हो गया है ऐसे लोगों को वनाधिकार पत्र वितरित करेंगे। इस पहल की जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने सराहना की है। वहीं आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक में महामाया पहाड़, घुटरापारा, खैरबार सहित अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र से लगे सीमावर्ती क्षेत्रों के वनभूमि, नजूल भूमि एवं राजस्व की भूमि पर कब्जे एवं अन्य विवाद के निपटारे हेतु वनमण्डलाधिकारी सरगुजा की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर महापौर डॉ अजय तिर्की, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, समाजसेवीयों, जिला पंचायत सदस्यों, जनपद सदस्यों एवं स्थानीय निगम एवं ग्राम पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की कमेटी गठित कर विवाद के निपटारा की बात उठायी। जिसे सामान्य सभा की बैठक में स्वीकार करते हुए इस पर पहल की बात की गई है।
वहीं नीट की परीक्षा में हुई धांधली के बाद सरगुजा के चयनित छात्र-छात्राओं के मनोबल को बढ़ाने को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी निर्देशित किया गया है कि शिक्षा विभाग ऐसे छात्र-छात्राओं के संपर्क में रहे और उनका मनोबल बढ़ाये ताकि परीक्षा की धांधली से उनके मनोभाव पर विपरित असर न पड़े। आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम के बच्चों को नीट की तैयारी हेतु शासन की ओर से प्राथमिकता के तौर पर व्यवस्था प्रदान किया जाये। नीट की परीक्षा में हुई धांधली को लेकर एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करते हुए सामान्य सभा ने प्रस्ताव पारित करते हुए दोषियों पर कार्यवाही हेतु पत्र केन्द्र सरकार को शिक्षा विभाग के माध्यम से प्रेषित करने की बात कही है।
स्कूल जतन योजन के तहत अतिरिक्त कक्ष बनाने के नाम पर स्कूलों की तोड़ी गई बिल्डिंग के स्थान पर नये भवन नहीं बनाये गये तथा करोड़ों रूपये टेंडर की प्रक्रिया एवं अन्य कार्य नहीं होने से वापस चले जाने पर हाउंसिंग बोर्ड, आरईएस एवं शिक्षा विभाग की कार्य प्रणाली पर जिला पंचायत के सदस्यों ने रोष जाहिर करते हुए कहा है कि 191 कार्य अप्रारंभ है। इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिये और कार्यवाही भी हो। साथ ही जिला पंचायत सामान्य सभा से राज्य सरकार को पत्र भी प्रेषित करने का निर्णय लिया गया है जिससे की वापस गये रकम को जिला को उपलब्ध कराया जाये, जिससे की विद्यालयों में भवन की उपलब्धता हो सके।
डीएमएफ से 46 लाख से अधिक जागरूकता में फूंका गया, 30 लाख के आसपास रेडियो और छाता बांटने में, सदस्यों में डीएमएफ के दुरूपयोग को लेकर नाराज़गी
जिला पंचायत सदस्य सुनिल बखला ने डीएमएफ मद से मैनपाट में मांझी मझवार में जागरूकता कार्यक्रम एवं मांझी मझवार युवाओं को जागरूकता एवं खेल गतिविधियों के लिये खर्च किये गये 20 लाख एवं 26.50 लाख रूपये का मामला सहित लगभग डीएमएफ के तीस लाख से रेडियो और छाता बांटने के मामले को उठाते हुए कहा कि विभाग समस्त हितग्राहियों की जानकारी उपलब्ध करायें ताकि जिला पंचायत सदस्यों की एक समिति बनाकर हम जाकर मैनपाट में यह देखें की जागरूकता के नाम पर खर्च किये लगभग 50 लाख से क्या बदलाव आया। वहीं छाता और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण किसे-किसे दिया गया।
जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता ने जिला में चल रहे आंतरिक विद्युतीकरण की योजना में हो रही धांधली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हुए कहा कि यह विद्युत विभाग से संबंधित कार्य है, जिसमें विद्युत विभाग की तकनिकी स्वीकृति एवं सहमती पर ही कार्य किया जाना चाहिये, क्योंकि बाद में यह विद्युत विभाग को ही हैण्डओवर होना है। ऐसे में विद्युत विभाग के जानकारी एवं स्वीकृति के बिना कराये जा रहे कार्यों से कभी भी कोई गंभीर हादसा अथवा कोई ऐसी परिस्थिति बनी तो इसकी जवाबदेही कार्य करने वाले पर तय की जाये। जिला पंचायत के सामान्य सभा द्वारा सभी 7 जनपद पंचायतों के सीईओ को निर्देशित किया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि विद्युत विभाग के तकनिकी स्वीकृति एवं सहमति पर ही कार्य हो।
पीएचई के कार्यप्रणाली से जिला पंचायत सदस्यों में नाराज़गी
जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता ने पीएचई के रेट्रो फिटिंग, एकल जल योजना एवं सामूहिक योजना के कार्यों पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि पीएचई के अधिकारी बताते हैं कि कई गांवों में घर-घर पानी आ रहा है, लेकिन हमारे सभी जिला पंचायत सदस्य इससे इंकार कर रहे हैं, सबका कहना है कि एक गांव भी ऐसा नहीं है जहां पानी पहुंचा है। ऐसे में यह करोड़ों रूपये की योजना सफेद हाथी साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि अभी 1500 करोड़ से अधिक के कार्य जिले में चल रहे हैं, किसी भी कार्य की जानकारी के लिये जब पीएचई के ईई से संपर्क किया जाता है तो वे जिला पंचायत सदस्यों का फोन तक रिसिव नहीं करते और बैठक में उनके जो प्रतिनिधि आये हैं वे गोल-गोल जवाब देकर भ्रमित कर रहे हैं। आगामी बैठक में सही जानकारी लेकर आवें और ऐसे गांवों में जिला पंचायत सदस्यों को ले चलें जहां निरंतर घर पर पानी पहुंच रहा है।
जनपद विकास योजना एवं 15वें वित्त से हुए अंबिकापुर जनपद पंचायत के कार्य की जानकारी जनप्रतिनिधियों को ही नहीं
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु सिंह एवं जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता ने जनपद विकास योजना एवं 15वें वित्त योजना के रूपये के बंदरबाट पर नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा है कि जितनी राशि खर्च की गई। उसका स्थल निरीक्षण हम सब करेंगे साथ ही कार्यों का पूर्ण भुगतान हुआ है। मतलब साफ है कि यूसी-सीसी जारी हुआ है। निर्माण समिति की अगली बैठक में समस्त जानकारी लेकर जनपद व आरईएस के अधिकारी आयें। साथ ही यह भी जानकारी अगली बैठक में प्रस्तुत करें कि 15वें वित्त योजना एवं जनपद विकास निधि के कार्यों पर सहमति जिला एवं जनपद पंचायत के किस सामान्य सभा अथवा अन्य बैठकों में सदस्यों से सहमती ली गई। जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह की सहमति से कई अन्य विषय भी चर्चा के दौरान आये जिसमें लुण्ड्रा जनपद पंचाायत में केन्द्र के कई योजनाओं की बची राशियों को खर्च करने सहित जनपद सदस्यों के शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं करने सहित कई मामलों को जिला पंचायत सदस्यों ने बैठक में उठाया। आज के सामान्य सभा की बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी जिला पंचायत सदस्यों के सवालों पर लगातार घिरते हुए नज़र आये। सभी से जवाब एवं स्थल पर निरीक्षण कराने, कमेटी बनाकर जांच कराने सहित कई विषयों पर सामान्य सभा की बैठक में निर्णय लिया गया है।
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