छत्तीसगढ़

DMF Scam : छत्तीसगढ़ के चर्चित घोटाले में बड़ा मोड़, अनिल टुटेजा को आखिर मिली जमानत

DMF Scam : छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से चर्चा का विषय रहे बहुचर्चित डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) घोटाला मामले में एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने मामले के मुख्य आरोपियों में से एक और राज्य के पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की नियमित जमानत याचिका को मंजूर कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से पूर्व नौकरशाह को एक बड़ी राहत मिली है। हालांकि, कोर्ट ने इस राहत के साथ कई सख्त शर्तें भी लागू की हैं, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच और आगामी कानूनी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का कोई प्रशासनिक व्यवधान उत्पन्न न हो सके।

सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान क्या टिप्पणियां कीं?

इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के माननीय चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की विशेष खंडपीठ के समक्ष हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सर्वोच्च अदालत की बेंच ने कहा कि पूर्व आईएएस अधिकारी पर लगाए गए वित्तीय अनियमितताओं के आरोप बेहद गंभीर प्रकृति के हैं। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इन आरोपों की अंतिम सत्यता और पुष्टि केवल नियमित ट्रायल (न्यायिक सुनवाई) के दौरान ही तय की जा सकती है। कोर्ट ने मामले के गुण-दोषों (मेरिट) पर किसी भी प्रकार की अंतिम टिप्पणी किए बिना ही टुटेजा को जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी किया है।

पूर्व आईएएस की गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम और व्हाट्सएप चैट का हवाला

अगर इस मामले के पिछले घटनाक्रम पर नजर डालें, तो पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को इस मामले में औपचारिक रूप से 23 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, वे अन्य संबंधित मामलों के कारण 21 अप्रैल 2024 से ही लगातार न्यायिक रिमांड के तहत जेल में बंद हैं। सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे वकीलों ने टुटेजा के खिलाफ साल 2019 के कुछ कथित व्हाट्सएप मैसेज और डिजिटल सबूतों का हवाला दिया। सरकार का तर्क था कि इन संदेशों से करोड़ों रुपये के इस घोटाले में उनकी सीधे तौर पर संलिप्तता और अपराध की गंभीरता पूरी तरह से सिद्ध होती है।

लंबी न्यायिक प्रक्रिया और सह-आरोपियों की जमानत का मिला लाभ

दूसरी तरफ, अनिल टुटेजा की ओर से देश के एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने कोर्ट में मजबूत पैरवी की। उन्होंने बेंच को अवगत कराया कि इस पूरे मामले से जुड़े अन्य सह-आरोपियों को पहले ही विभिन्न अदालतों से जमानत मिल चुकी है। इसके अलावा, वकील ने दलील दी कि इस घोटाले से जुड़े मामले में अभी तक कुल 85 गवाहों की लंबी जांच और गवाही होनी बाकी है। गवाहों की इतनी बड़ी संख्या के कारण इस पूरे न्यायिक ट्रायल को तार्किक अंत तक पहुंचने और पूरा होने में काफी लंबा समय लग सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस बात से सहमति जताई कि सुनवाई पूरी होने में काफी वक्त लगेगा, इसलिए आरोपी को जेल में रखना न्यायसंगत नहीं होगा।

गवाहों को प्रभावित करने की आशंका के चलते कोर्ट ने लगाईं सख्त शर्तें

सुप्रीम कोर्ट ने अनिल टुटेजा की पूर्व प्रशासनिक हैसियत और उनके गहरे राजनीतिक व नौकरशाही प्रभावों को ध्यान में रखते हुए गवाहों को डराने या सबूतों को प्रभावित करने की आशंका भी जताई। इसी के मद्देनजर अदालत ने कुछ बेहद कड़ी शर्तें लगाई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, जेल से रिहा होने के बाद अनिल टुटेजा को छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाओं से पूरी तरह बाहर रहना होगा। इसके साथ ही, रिहाई के ठीक एक सप्ताह के भीतर उन्हें छत्तीसगढ़ से बाहर अपने नए निवास स्थान की पूरी जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और संबंधित स्थानीय पुलिस थाने को लिखित रूप में सौंपनी होगी।

संबंधित निचली अदालत में बॉन्ड जमा करने और सुनवाई में हाजिर होने का आदेश

सर्वोच्च अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि टुटेजा को अपनी जमानत के इस आदेश को अमलीजामा पहनाने के लिए संबंधित निचली अदालत में तय नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार उचित बेल बॉन्ड (जमानत राशि) जमा करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, उन्हें भविष्य में होने वाली केस की हर एक न्यायिक सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा। वे केवल उसी स्थिति में अदालत में गैर-हाजिर रह सकते हैं, जब उन्हें संबंधित विशेष अदालत से इसके लिए पहले से ही कोई विशेष कानूनी छूट या अनुमति प्राप्त हो।

Read More : Road Accident : अंबिकापुर बिलासपुर हाईवे हादसे में दो युवकों की मौत, सड़क पर चक्काजाम प्रदर्शन

Thetarget365

Recent Posts

Cockroach Strength : परमाणु हमले में भी नहीं मरेंगे कॉकरोच? जानिए इस जीव की बेमिसाल ताकत

Cockroach Strength : साल 2008 में आई हॉलीवुड की मशहूर एनिमेटेड फिल्म 'वॉल-ई' (Wall-E) में…

5 hours ago

Alka Lamba Convicted : महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा दोषी करार, कोर्ट के फैसले से मची भारी खलबली

Alka Lamba Convicted : दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की…

5 hours ago

Cockroach Janta Party: सीजेआई सूर्यकान्त के बयान से बनी कॉकरोच जनता पार्टी, अब सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

Cockroach Janta Party : भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकान्त के एक मौखिक बयान से…

6 hours ago

Padma Awards : छत्तीसगढ़ के गोडबोले दंपती पद्मश्री से सम्मानित, एक लाख मरीजों का किया मुफ्त इलाज

Padma Awards : देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कारों को लेकर नई…

6 hours ago

Khairagarh News : छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में बीईओ दफ्तर का वीडियो वायरल, प्रशासनिक अमले में मचा भारी हड़कंप

Khairagarh News : छत्तीसगढ़ के नवनिर्मित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले से एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने…

6 hours ago

IPL 2026 Controversy : विराट कोहली और ट्रेविस हेड हैंडशेक विवाद का पूरा सच, जानें एक्शन न होने की वजह

IPL 2026 Controversy : क्रिकेट की दुनिया के दो दिग्गज खिलाड़ियों, भारत के रन-मशीन विराट…

6 hours ago

This website uses cookies.