Pitru Paksha 2025: पितृपक्ष में भूलकर भी फ्रिज में आटा गूंथकर न रखें! जानिए क्यों माना जाता है इसे पितरों का अपमान

Pitru Paksha 2025: पितृपक्ष का समय हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और संवेदनशील माना जाता है। इस 16 दिवसीय पखवाड़े में अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने और उनकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है। इस दौरान हर कर्म सोच-समझकर करना जरूरी होता है, क्योंकि छोटी-छोटी लापरवाहियां भी पितृ दोष को जन्म दे सकती हैं। ऐसी ही एक आम लेकिन महत्वपूर्ण गलती है फ्रिज में गूंथा हुआ आटा रख देना, जिसे शास्त्रों में पितरों के प्रति अपमान माना गया है। आइए जानें क्यों यह परंपरा इतनी महत्वपूर्ण है और इसे न मानने पर क्या प्रभाव हो सकते हैं।

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गूंथे हुए आटे को फ्रिज में रखने से क्यों होता है पितरों का अपमान?

आम जीवन में लोग सुविधा के लिए आटे को पहले से गूंथकर फ्रिज में रख देते हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर जल्दी रोटी बनाई जा सके। परंतु शास्त्रों के अनुसार, गूंथे हुए आटे को फ्रिज में रखना अशुद्ध माना जाता है।

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पिंड का प्रतीक:

पितृपक्ष में पिंडदान का अत्यधिक महत्व होता है। पिंडदान में गेंहू या चावल से बनाए गए पिंडों का उपयोग किया जाता है, जिन्हें पितरों की आत्मा को तर्पित किया जाता है। गूंथा हुआ आटा भी पिंड के समान माना जाता है। जब इसे फ्रिज में रखा जाता है, तो यह उनके प्रति अनादर माना जाता है, क्योंकि पिंडदान की पवित्र परंपरा का मजाक बन जाता है।

खराब ऊर्जा का संचार:

लंबे समय तक रखा हुआ गूंथा आटा न केवल खराब हो जाता है, बल्कि उसमें नकारात्मक ऊर्जा भी घर में फैलती है। इससे पितर अप्रसन्न होते हैं और परिवार में आर्थिक, स्वास्थ्य व मानसिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

पितृपक्ष में गूंथा आटा फ्रिज में रखने के दुष्प्रभाव

पितृ दोष का बढ़ना:

श्राद्ध और तर्पण के दौरान गूंथे हुए आटे को फ्रिज में रखने से पितृ दोष का खतरा बढ़ जाता है। यह दोष परिवार में कलह, रोग, आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव को जन्म दे सकता है।

आध्यात्मिक अशुद्धि:

पितृपक्ष वह समय होता है जब पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए विशेष विधियां की जाती हैं। इस दौरान गूंथे हुए आटे को फ्रिज में रखना पूजा की पवित्रता को कम करता है और आध्यात्मिक अशुद्धि को बढ़ावा देता है।

सामान्य दिनों में भी गूंथा आटा फ्रिज में रखना हानिकारक क्यों?

आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों का मानना है कि गूंथा हुआ आटा नमी की वजह से जल्दी खराब हो जाता है। इसमें बैक्टीरिया और जीवाणु पनपते हैं जो पाचन संबंधी समस्याएं जैसे गैस, अपच और पेट की बीमारियां पैदा कर सकते हैं। इसलिए बुजुर्गों की सलाह हमेशा ताजा आटा गूंथकर ही खाना बनाने की रहती है।

क्या करें – पितृपक्ष में आटे को लेकर जरूरी टिप्स

ताजा आटा गूंथें:

जितना आटा चाहिए उतना ही उसी दिन गूंथकर उपयोग करें।

अगर बच जाए तो दान करें:

बचा हुआ आटा तुरंत किसी जरूरतमंद को दे दें।

गूंथा आटा न रखें:

पितृपक्ष के दौरान फ्रिज या घर में कहीं भी गूंथा हुआ आटा स्टोर न करें।

तुलसी का प्रयोग:

अगर रात का आटा सुबह उपयोग करना पड़े तो उसमें तुलसी के पत्ते डालकर भोजन बनाएं। तुलसी नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है।

ताजा भोजन और पिंडदान:

हमेशा ताजा भोजन बनाकर पितरों को अर्पित करें, जिससे उन्हें सम्मान मिले और वे प्रसन्न रहें।

पितृपक्ष में गूंथा हुआ आटा फ्रिज में रखना शास्त्रसम्मत और धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं है। यह न केवल पितरों के प्रति अनादर माना जाता है बल्कि इससे पितृ दोष भी उत्पन्न हो सकता है। इस दौरान सतर्क रहना और परंपराओं का पालन करना आवश्यक है ताकि परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहे। पितृपक्ष में धार्मिक नियमों का सम्मान करते हुए ताजा आटा गूंथें और पूर्वजों की आत्मा की शांति हेतु सच्चे मन से श्राद्ध करें।

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