Diabetes Care : क्या गुड़ खाने से ब्लड शुगर बढ़ता है, जानिए पूरी सच्चाई आज

गुड़ को अक्सर चीनी का स्वस्थ विकल्प माना जाता है, लेकिन क्या यह वास्तव में ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित नहीं करता? विशेषज्ञों का कहना है कि गुड़ में भी प्राकृतिक शर्करा होती है, जो रक्त शर्करा बढ़ा सकती है। ऐसे में डायबिटीज मरीजों को इसका सेवन सोच-समझकर करना चाहिए। जानिए पूरी सच्चाई।

Diabetes Care :  मीठा खाने के शौकीन लोगों के बीच अक्सर यह चर्चा होती है कि क्या सफेद चीनी की जगह गुड़ का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है। विशेष रूप से मधुमेह (डायबिटीज) के रोगियों में यह धारणा बहुत प्रचलित है कि चीनी हानिकारक है, लेकिन गुड़ के सेवन से ब्लड शुगर पर कोई खास असर नहीं पड़ता। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह धारणा पूरी तरह से वैज्ञानिक नहीं है। गुड़ और चीनी के बीच का अंतर केवल उनके स्वाद या रंग का नहीं, बल्कि उनके रासायनिक प्रसंस्करण (processing) का भी है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझना आवश्यक है कि क्या गुड़ वास्तव में मधुमेह के रोगियों के लिए एक सुरक्षित विकल्प है।

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चीनी और गुड़ के स्रोत में समानता

यह जानना महत्वपूर्ण है कि चीनी और गुड़ दोनों का मुख्य स्रोत गन्ना ही है। इन दोनों में अंतर केवल इनके निर्माण की प्रक्रिया का है। सफेद चीनी को रिफाइनिंग और क्रिस्टलाइजेशन की जटिल प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है, जिसके कारण इसमें से सभी पोषक तत्व निकल जाते हैं। इसके विपरीत, गुड़ अपेक्षाकृत कम प्रोसेस्ड होता है। इस प्रक्रिया में गुड़ के भीतर गन्ने के प्राकृतिक खनिज जैसे आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम, जिंक, फास्फोरस और पोटैशियम बने रहते हैं। यही कारण है कि गुड़ को चीनी की तुलना में अधिक ‘पोषक’ माना जाता है, लेकिन पोषक तत्वों की उपस्थिति का अर्थ यह नहीं है कि यह शुगर लेवल को प्रभावित नहीं करेगा।

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शुगर स्पाइक: क्या गुड़ डायबिटीज में सुरक्षित है?

मेट्रोपोलिस इंडिया के विशेषज्ञों के अनुसार, ‘पोषक तत्व’ और ‘ब्लड शुगर पर असर’ दो बिल्कुल अलग विषय हैं। यह सच है कि गुड़ में कुछ खनिजों की मात्रा होती है, लेकिन इसमें मौजूद शुगर की मात्रा लगभग सफेद चीनी के बराबर ही होती है। इसलिए, मधुमेह के रोगियों को यह मानकर गुड़ का सेवन नहीं करना चाहिए कि यह पूरी तरह सुरक्षित है। गुड़ में मौजूद सुक्रोज की संरचना चीनी की तुलना में थोड़ी जटिल होती है, जिसके कारण इसे शरीर में पचने और टूटने में तुलनात्मक रूप से थोड़ा अधिक समय लगता है।

क्या गुड़ ब्लड शुगर को तुरंत बढ़ाता है?

एक आम धारणा है कि चीनी ब्लड शुगर को तुरंत बढ़ा देती है, जबकि गुड़ का असर धीमा होता है। यह बात आंशिक रूप से सही है कि चीनी तेजी से अवशोषित होकर ब्लड शुगर को तुरंत ऊपर ले जाती है, वहीं गुड़ का प्रभाव कुछ घंटों के बाद दिखाई दे सकता है। इसका मतलब यह कतई नहीं है कि गुड़ शुगर स्पाइक नहीं करता; यह केवल असर के समय में अंतर पैदा करता है। गुड़ खाने के बाद ब्लड शुगर का स्तर कुछ घंटों के भीतर बढ़ सकता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

संतुलित और सचेत सेवन ही एकमात्र उपाय

चीनी और गुड़ में कैलोरी की मात्रा लगभग समान होती है। चीनी को ‘खाली कैलोरी’ कहा जाता है क्योंकि इसमें पोषण शून्य होता है, जबकि गुड़ में मौजूद मोलासेस के कारण कुछ एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स मिल जाते हैं। अंततः, मधुमेह के रोगियों के लिए गुड़ का सेवन भी सावधानी और सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। किसी भी प्रकार के मीठे का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर या डायटीशियन से परामर्श करना सबसे उत्तम है। याद रखें, ‘स्वस्थ विकल्प’ होने का अर्थ ‘असीमित सेवन’ नहीं होता।

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Chandan Das

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