Donald Trump Iran War
Donald Trump Iran War: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण बयान दिया है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य तनातनी और एक-दूसरे के बुनियादी ढांचों पर हो रहे हमलों के बीच ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका अब इस जंग को और लंबा खींचने के पक्ष में नहीं है। राष्ट्रपति ने एलान किया कि अमेरिकी सेना जल्द ही ईरान से अपनी वापसी की प्रक्रिया शुरू करेगी। उनके अनुसार, अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर अमेरिकी सैनिक ईरान की धरती छोड़ सकते हैं। इस घोषणा को वैश्विक राजनीति में तनाव कम करने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में दावा किया कि ईरान में जिस “रिजीम चेंज” (सत्ता परिवर्तन) का लक्ष्य लेकर अमेरिका आगे बढ़ा था, वह काफी हद तक हासिल हो चुका है। ट्रंप का मानना है कि अब युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान के साथ किसी बहुत बड़ी औपचारिक संधि या कागजी समझौते की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पूरी तरह सेना हटाने से पहले पर्दे के पीछे कोई “डील” हो सकती है। ट्रंप की यह रणनीति उनके ‘अमेरिका फर्स्ट’ विजन को दर्शाती है, जहाँ वे लंबी और खर्चीली विदेशी जंगों से अपने सैनिकों को सुरक्षित वापस लाना चाहते हैं।
एक तरफ जहाँ डोनाल्ड ट्रंप युद्ध समाप्ति की समयसीमा तय कर रहे हैं, वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सुर थोड़े अलग नजर आ रहे हैं। नेतन्याहू ने अब तक इस संघर्ष को खत्म करने को लेकर कोई स्पष्ट डेडलाइन नहीं दी है। हाल ही में अपने संबोधन में उन्होंने दोहराया कि ईरान के साथ जारी ऑपरेशन के अंत के लिए फिलहाल कोई निश्चित तारीख तय नहीं की जा सकती। इजरायल का लक्ष्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह पंगु बनाना है, जिसके कारण दोनों मित्र देशों (अमेरिका और इजरायल) के बीच युद्ध समाप्ति की टाइमलाइन को लेकर थोड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
ईरान द्वारा अमेरिकी कंपनियों को दी जा रही धमकियों और परमाणु हमले की आशंकाओं पर ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इन धमकियों को आधारहीन बताते हुए कहा कि मौजूदा ईरानी नेतृत्व अब उस स्थिति में नहीं है कि वह कोई बड़ा पलटवार कर सके। ट्रंप ने दावा किया कि हमलों में ईरानी शासन का एक बड़ा हिस्सा पहले ही खत्म किया जा चुका है, इसलिए परमाणु हमले की कोई वास्तविक संभावना नहीं बची है। उन्होंने व्यापारिक घरानों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र में अमेरिकी हितों को सुरक्षा प्रदान करना उनकी प्राथमिकता बनी रहेगी।
गौरतलब है कि इस महायुद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर एक विनाशकारी हवाई हमला किया था। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई थी। इस घटना ने ईरान के सत्ता ढांचे को हिलाकर रख दिया। खामेनेई के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया, लेकिन उनके भी गंभीर रूप से घायल होने की खबरें हैं। नेतृत्व के इस संकट ने ईरान की प्रतिरोध क्षमता को कमजोर कर दिया है, जिससे अब युद्ध समाप्ति की राह आसान होती दिख रही है।
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