Donald Trump Nobel Prize : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर अपनी दावेदारी एक बार फिर सामने रखी है। 7 अक्टूबर को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में आठ युद्धों या संघर्षों को सुलझाने में भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि शायद ही किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने इतने संघर्षों को खत्म कराया हो।
ट्रंप बोले- मैंने ऐसे काम किए जो पहले नहीं हुए
ट्रंप ने अपने दावे को दोहराते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे काम किए हैं, जो किसी अन्य राष्ट्रपति ने पहले नहीं किए। उन्होंने कहा कि वह अपनी उपलब्धियों का बखान नहीं कर रहे, बल्कि उन्हें तथ्य के तौर पर सामने रख रहे हैं। व्हाइट हाउस भी आठ संघर्षों को समाप्त कराने में ट्रंप की भूमिका का दावा करता रहा है।
नोबेल कमेटी पर भी साधा निशाना
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अगर उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलता है, तो यह नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी के लिए बड़ा नुकसान होगा। ट्रंप ने संकेत दिया कि कमेटी का इतिहास उनके जैसे नेताओं को सम्मान देने के मामले में अलग रहा है। उन्होंने कहा कि पुरस्कार मिले या नहीं, उनका मानना है कि उन्होंने इसके लिए पर्याप्त काम किया है।
ओबामा के नोबेल पुरस्कार पर टिप्पणी
ट्रंप ने इस दौरान पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को भी निशाने पर लिया। उन्होंने 2009 में ओबामा को मिले नोबेल शांति पुरस्कार का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रपति बनने के शुरुआती दौर में ही यह सम्मान मिल गया था। ट्रंप ने दावा किया कि ओबामा को खुद भी यह समझ नहीं आया था कि उन्हें पुरस्कार क्यों दिया गया।
आठ संघर्षों में भूमिका का किया दावा
ट्रंप प्रशासन की ओर से जिन आठ संघर्षों का उल्लेख किया गया है, उनमें इजरायल-हमास, इजरायल-ईरान, आर्मेनिया-अजरबैजान, मिस्र-इथियोपिया, भारत-पाकिस्तान, कांगो-रवांडा, कोसोवो-सर्बिया और कंबोडिया-थाईलैंड से जुड़े संघर्ष शामिल हैं। हालांकि, इन सभी मामलों में संघर्ष पूरी तरह समाप्त होने और ट्रंप की भूमिका को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
ईरान संघर्ष का भी किया जिक्र
ट्रंप ने संकेत दिया कि एक और संघर्ष को सुलझाने की दिशा में काम चल रहा है। उनका इशारा अमेरिका और ईरान के बीच जारी गंभीर तनाव की ओर माना जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान से जुड़े संघर्ष और परमाणु मुद्दे पर अमेरिकी प्रशासन की कोशिशें अभी जारी हैं और इसे पूरी तरह सुलझा हुआ मामला नहीं माना जा रहा।
टैरिफ को बताया कूटनीतिक हथियार
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने केवल सैन्य दबाव का सहारा नहीं लिया, बल्कि टैरिफ की धमकियों और आर्थिक दबाव का इस्तेमाल करके भी संभावित संघर्षों को रोकने की कोशिश की। भारत-पाकिस्तान के बीच 2025 के तनाव का उदाहरण देते हुए उन्होंने पहले भी कहा था कि टैरिफ की चेतावनी ने दोनों पक्षों को संघर्ष रोकने के लिए प्रेरित किया।
बंधकों की वापसी का भी किया उल्लेख
ट्रंप ने अपनी विदेश नीति की उपलब्धियों में बंधकों की वापसी को भी शामिल किया। उन्होंने कहा कि उनके प्रशासन के प्रयासों से कई अमेरिकी बंधकों को वापस लाया गया। ट्रंप का कहना है कि संघर्षों को रोकने के साथ-साथ बंधकों की सुरक्षित वापसी भी उनकी शांति संबंधी कोशिशों का हिस्सा रही है।
मारिया कोरीना मचाडो का भी हवाला
ट्रंप ने वेनेजुएला की विपक्षी नेता और 2025 की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरीना मचाडो का भी जिक्र किया। ट्रंप के अनुसार, मचाडो ने उनसे मुलाकात के दौरान अपने पुरस्कार के संदर्भ में उनकी भूमिका की सराहना की थी। इससे पहले मचाडो द्वारा ट्रंप को अपना पदक सौंपने की खबर भी सामने आई थी।
नोबेल पुरस्कार की घोषणा पर टिकी नजर
2026 के नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा 9 अक्टूबर को होने वाली है। पुरस्कार को लेकर ट्रंप की दावेदारी के बीच कई अन्य नामों की भी चर्चा है। ऐसे में ट्रंप के ताजा बयान ने पुरस्कार की घोषणा से पहले इस मुद्दे को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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