CEC Controversy India : कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर देश के लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया है। शनिवार को केरल के कोझिकोड में कांग्रेस की ओर से आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मेगा रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की मौजूदा कार्यप्रणाली लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। वेणुगोपाल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक दिन अपमानित होकर अपने पद से हटना पड़ेगा।
SIR के जरिए 13.32 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप
वेणुगोपाल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के तहत देशभर में 13.32 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। कांग्रेस नेता के मुताबिक, इसका असर केवल मतदान के अधिकार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संबंधित लोगों को सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी सुविधाओं का लाभ मिलने में भी परेशानी हो सकती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों को कानून के तहत मिली सुरक्षा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है। वेणुगोपाल ने कहा कि जिस दिन से उन्हें यह कानूनी संरक्षण मिला, उसी दिन से लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हो गई।

मतदाता पहचान पत्र को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि मतदाता सूची में नाम होना नागरिकों के लिए कई सरकारी सुविधाओं और अधिकारों के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। उन्होंने पटना में एक केंद्रीय मंत्री के हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि मतदाता सूची से नाम हटने पर व्यक्ति कई अन्य लाभों से भी वंचित हो सकता है।वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को उम्मीद थी कि मुख्य चुनाव आयुक्त के समर्थन से SIR की प्रक्रिया आसानी से पूरी हो जाएगी, लेकिन दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों ने इस योजना को चुनौती दी है।
ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने का दावा
वेणुगोपाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ और गंभीर खुलासे होने का दावा करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाएगा। उन्होंने लोगों से इस दिन का इंतजार करने और इसके लिए दिन गिनने की बात कही। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में कथित आगामी खुलासों का विस्तृत विवरण नहीं दिया।

राहुल गांधी की चुनौती पर मोदी से बहस की मांग
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राहुल गांधी के साथ सार्वजनिक बहस करने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को खुली बहस के लिए आमंत्रित किया है। यदि मोदी में आत्मविश्वास और हिम्मत है तो उन्हें इस चुनौती को स्वीकार करना चाहिए।
वेणुगोपाल ने भाजपा की ओर से राहुल गांधी पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री सार्वजनिक बहस से क्यों बच रहे हैं। कांग्रेस महासचिव ने दावा किया कि मोदी देश के इतिहास में पद छोड़ने वाले सबसे अपमानित प्रधानमंत्री साबित होंगे।
दिल्ली की रैली में 10 लाख लोगों के जुटने का दावा
वेणुगोपाल ने 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इस रैली में करीब 10 लाख लोग शामिल हुए थे। उनके मुताबिक, पिछले चार दशकों में राजधानी में इतनी बड़ी भीड़ देखने को नहीं मिली।उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र और मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए चिंतित आम नागरिक भी शामिल हुए थे।
विपक्ष को दबाने की कोशिश पर सरकार को चेतावनी
वेणुगोपाल ने विरोध प्रदर्शन को नागरिकों की पहचान और अस्तित्व की लड़ाई बताया। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि पुलिस, सीआरपीएफ या सशस्त्र बलों के जरिए विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष ऐसे किसी भी कदम का पहले से ज्यादा ताकत के साथ जवाब देने में सक्षम है।

