Trump Washington DC : टैरिफ विवाद और बढ़ते अपराधों के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए वाशिंगटन डीसी की मेट्रोपॉलिटन पुलिस का नियंत्रण सीधे अपने हाथ में ले लिया है। ट्रंप प्रशासन ने ‘डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया होम रूल एक्ट 1973’ के तहत यह कदम उठाया है, जिसके तहत उन्होंने 800 नेशनल गार्ड की तैनाती का भी आदेश दिया है।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा, “राजधानी को अपराध, अराजकता और गंदगी से मुक्त कर हम इसे फिर से गौरवशाली और सुरक्षित बनाएंगे।” उनके अनुसार, यह कदम जनसुरक्षा, कानून व्यवस्था की बहाली और बेघर लोगों के पुनर्वास को ध्यान में रखकर लिया गया है।
ट्रंप ने वाशिंगटन डीसी को “दुनिया के सबसे खतरनाक शहरों में एक” बताते हुए कहा कि हाल ही में हुई आपराधिक घटनाएं राजधानी की साख को नुकसान पहुँचा रही हैं। विशेष रूप से 3 अगस्त 2025 को एक पूर्व सरकारी कर्मचारी पर हुए कारजैकिंग हमले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण से बाहर हो चुकी है।
हालांकि, वाशिंगटन डीसी पुलिस और न्याय विभाग के अनुसार, 2024 से 2025 के बीच हिंसक अपराधों में 26% की गिरावट दर्ज की गई है। इसमें हत्या में 12%, डकैती में 39%, और कारजैकिंग में 37% की कमी आई है। इन आंकड़ों के बावजूद ट्रंप का कहना है कि राजधानी को पूर्ण रूप से सुरक्षित करने के लिए और कड़े कदमों की जरूरत है।
ट्रंप के इस फैसले के पीछे राजधानी को “सुंदर और सुरक्षित” बनाने की योजना भी है। उनके अनुसार, बेघर लोगों की बढ़ती संख्या, उनके तंबू, गंदगी और असामाजिक गतिविधियां वाशिंगटन डीसी की छवि को नुकसान पहुँचा रही हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, डीसी में करीब 5138 बेघर लोग हैं, जिनमें से लगभग 800 लोग सड़कों पर रहते हैं। ट्रंप प्रशासन इन लोगों को शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना पर काम कर रहा है।
करीब 800 नेशनल गार्ड को लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट और सहायता सेवाओं के लिए तैनात किया जाएगा। इन्हें सीधे गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं होगा। इसके अलावा, 120 से अधिक FBI एजेंट्स, सीक्रेट सर्विस और अन्य एजेंसियां पहले से ही रात में गश्त कर रही हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि जून 2025 में ट्रंप ने लॉस एंजिल्स में भी नेशनल गार्ड और मरीन्स की तैनाती की थी।
हालांकि, इस कदम को लेकर विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि इससे नागरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों पर असर पड़ सकता है। कुछ आलोचकों ने इसे राजनीतिक स्टंट बताया है, जो 2026 के संभावित चुनावों की तैयारी का हिस्सा हो सकता है।
ट्रंप का यह कदम राजधानी वाशिंगटन डीसी के प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा हस्तक्षेप माना जा रहा है। अब यह देखना बाकी है कि यह फैसला सुरक्षा बहाली में कितना कारगर साबित होता है और इसका सामाजिक व राजनीतिक प्रभाव किस रूप में सामने आता है।
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