Donald Trump Iran War
Donald Trump Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे भीषण संघर्ष को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और आक्रामक दावा किया है। ‘Axios’ को दिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान में अब ऐसे बहुत कम सैन्य और रणनीतिक ठिकाने बचे हैं जिन्हें निशाना बनाया जाना बाकी हो। ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरान की सैन्य शक्ति को व्यापक नुकसान पहुँचाया है। राष्ट्रपति ने बड़े आत्मविश्वास के साथ कहा, “ईरान में अब हमले के लिए ज्यादा टारगेट बचे ही नहीं हैं। बस थोड़ा-बहुत काम शेष है, और मैं जब चाहूंगा, यह युद्ध अपनी शर्तों पर खत्म कर दूंगा।” यह बयान मिडिल ईस्ट में मची भारी तबाही के बीच अमेरिका के दबदबे को दिखाने की कोशिश माना जा रहा है।
‘टाइम्स ऑफ इजरायल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने इस युद्ध की रणनीतिक योजना का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस शुरुआती सैन्य अभियान को महज छह हफ्ते की सघन लड़ाई के तौर पर डिजाइन किया गया था। ट्रंप का मानना है कि सेनाएं अपने निर्धारित टाइमटेबल से काफी आगे चल रही हैं। उन्होंने गर्व के साथ कहा, “लड़ाई उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर चल रही है। हमने शुरुआती छह हफ्तों के भीतर ही ईरान को उस स्तर का नुकसान पहुँचा दिया है, जिसकी कल्पना भी नहीं की गई थी।” ट्रंप के इस बयान से साफ है कि अमेरिका और उसके सहयोगी दल ईरान की घेराबंदी को अंतिम रूप देने की ओर बढ़ रहे हैं।
इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने ईरान की पिछली नीतियों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने तर्क दिया कि ईरान केवल इजरायल या अमेरिका के लिए ही खतरा नहीं था, बल्कि वह पूरे मिडिल ईस्ट की स्थिरता के पीछे पड़ा था। ट्रंप ने कड़े लहजे में कहा, “ईरान अब उन 47 सालों में फैलाई गई मौतों और तबाही की कीमत चुका रहा है। यह एक तरह का बदला है।” उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि ईरान को इतनी आसानी से बच निकलने का मौका नहीं दिया जाएगा। ट्रंप का यह बयान ईरान में 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से अमेरिका के साथ बिगड़े रिश्तों की पूरी कड़वाहट को समेटे हुए है।
एक तरफ जहाँ ट्रंप युद्ध खत्म करने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध क्षेत्र से विनाशकारी खबरें आ रही हैं। ओमान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘सलालाह पोर्ट’ पर एक बड़ा ड्रोन हमला किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई आत्मघाती ड्रोन सीधे ऑयल टैंकरों और स्टोरेज यूनिट्स से टकराए। इस हमले के कारण कम से कम तीन बड़े ऑयल स्टोरेज डिपो में भीषण आग लग गई है। बताया जा रहा है कि वहां लाखों लीटर कच्चा तेल (Crude Oil) जल रहा है, जिससे आसमान में काला धुआं छा गया है। सुरक्षा कारणों से पूरे पोर्ट को तत्काल खाली करा लिया गया है।
सलालाह पोर्ट पर हुए इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में डर का माहौल पैदा कर दिया है। लाखों लीटर कच्चे तेल की बर्बादी और पोर्ट के बंद होने से सप्लाई चैन पर गहरा असर पड़ने की आशंका है। हालांकि अभी तक इस ड्रोन हमले की आधिकारिक जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है, लेकिन युद्ध की आग जिस तरह से ओमान तक फैली है, उसने दुनिया भर की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ट्रंप की ‘जल्द युद्ध खत्म करने’ की बात और जमीन पर बढ़ते हमलों के बीच विरोधाभास साफ देखा जा सकता है। अब देखना यह होगा कि क्या ट्रंप वास्तव में इस युद्ध को किसी सार्थक शांति की ओर ले जा पाते हैं या यह विनाश का सिलसिला अभी और लंबा खिंचेगा।
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