Donald Trump News : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनके समर्थन से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की चुनावी स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। ट्रंप के अनुसार, जिस नेता की हार की संभावनाएं जताई जा रही थीं, अब वह मुकाबले में बराबरी पर पहुंच सकते हैं या जीत भी हासिल कर सकते हैं। ट्रंप की यह टिप्पणी इजरायल की राजनीति में जारी हलचल के बीच सामने आई है। हालांकि, उनके दावे को चुनावी नतीजों की आधिकारिक पुष्टि नहीं माना जा सकता।

सोशल मीडिया पोस्ट में समर्थन का किया जिक्र
ट्रंप के नाम से साझा की गई पोस्ट में कहा गया कि नेतन्याहू का समर्थन करने के बाद चुनावी तस्वीर बदलती दिखाई दे रही है। पोस्ट में उनके संभावित राजनीतिक पुनरुत्थान का उल्लेख करते हुए कहा गया कि मुकाबला अब बराबरी का हो सकता है या नेतन्याहू जीत भी सकते हैं। संदेश में ट्रंप के समर्थन को मध्य पूर्व, इजरायल और अमेरिका के हितों से जोड़कर पेश किया गया। हालांकि, किसी नेता के समर्थन का वास्तविक चुनावी प्रभाव निर्धारित करने के लिए मतदान के आधिकारिक परिणाम और अन्य प्रमाण जरूरी होते हैं।

एग्जिट पोल में नेतन्याहू और विपक्ष के बीच कड़ी टक्कर
ट्रंप का यह बयान मंगलवार को हुए मतदान के बाद जारी एग्जिट पोल के बीच आया है। इन अनुमानों में नेतन्याहू के नेतृत्व वाले लिकुड गठबंधन और गादी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के बीच करीबी मुकाबला दिखाई दिया। एग्जिट पोल मतदाताओं के मतदान के बाद किए गए सर्वेक्षणों पर आधारित होते हैं, इसलिए इनके आंकड़े अंतिम चुनाव परिणाम से अलग हो सकते हैं। इस कारण दोनों पक्षों की वास्तविक स्थिति को लेकर अभी सावधानी बरतना जरूरी है।
इजरायल की संसद में बहुमत के लिए 61 सीटें जरूरी
इजरायल की संसद नेसेट में कुल 120 सदस्य होते हैं। सरकार बनाने के लिए किसी गठबंधन को कम से कम 61 सीटों का समर्थन हासिल करना जरूरी है। उपलब्ध एग्जिट पोल अनुमानों के अनुसार, किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसी स्थिति में सरकार गठन के लिए छोटे दलों का समर्थन महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि कोई पक्ष बहुमत का आंकड़ा हासिल नहीं कर पाता, तो गठबंधन बनाने के लिए राजनीतिक दलों के बीच बातचीत लंबी खिंच सकती है।
अलग-अलग चैनलों के एग्जिट पोल में क्या अनुमान
इजरायल के चैनल कान 11 और चैनल 13 के एग्जिट पोल में नेतन्याहू और विपक्षी गठबंधन, दोनों को 51-51 सीटें मिलने का अनुमान बताया गया। वहीं, चैनल 12 के अनुमान में नेतन्याहू के गठबंधन को 52 सीटें और विपक्षी गठबंधन को 49 सीटें मिलने की संभावना जताई गई। अलग-अलग सर्वेक्षणों के आंकड़ों में अंतर से चुनावी तस्वीर और जटिल नजर आती है। ये अनुमान हैं, आधिकारिक परिणाम नहीं। अंतिम स्थिति की पुष्टि निर्वाचन अधिकारियों द्वारा घोषित आंकड़ों से ही होगी।

नेतन्याहू और आइसेनकोट के सामने सरकार गठन की चुनौती
नेतन्याहू ने दक्षिणपंथी दलों से एकजुट होकर नई सरकार बनाने की अपील की है। दूसरी ओर, विपक्षी नेता गादी आइसेनकोट का कहना है कि मतदाताओं ने मौजूदा प्रधानमंत्री के नेतृत्व को अस्वीकार कर दिया है। दोनों पक्षों के दावों के बीच सरकार गठन की संभावनाएं राजनीतिक बातचीत पर निर्भर करेंगी। फिलहाल, एग्जिट पोल किसी एक पक्ष की स्पष्ट जीत का संकेत नहीं देते। अंतिम नतीजों और संभावित गठबंधन की स्थिति सामने आने के बाद ही इजरायल की अगली सरकार की तस्वीर साफ हो सकेगी।
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